ओलंपिक टिकट भी किया पक्का
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर इतिहास रच दिया. लालरेमसियामी के गोल और सविता पुनिया के शानदार बचाव की बदौलत भारत ने 1982 के बाद पहली बार एशियाई खेलों का गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस जीत के साथ भारत ने न केवल 44 साल का इंतजार खत्म किया, बल्कि लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया.
भारत की महिला हॉकी टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड मेडल जीत लिया है. 1982 के बाद यह पहला मौका है जब भारत ने महिला हॉकी में एशियाई खेलों का गोल्ड अपने नाम किया. इससे पहले भारत ने एशियाई खेलों में 1982 में दिल्ली में गोल्ड मेडल जीता था. जब महिला हॉकी को पहली बार इन खेलों में शामिल किया गया था. उसके बाद से भारत 1998 और 2018 में फाइनल में पहुंचा लेकिन क्रमश: दक्षिण कोरिया और जापान से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा.
भारत गोल्ड के और करीब! चीन का अटैक नाकाम
मैच के 52वें मिनट में भारत की रुतुजा पिसाल ने दबाव के बीच बेहतरीन संयम दिखाया. बाएं कॉर्नर पर गेंद को सुरक्षित रखते हुए उन्होंने समय निकाला और फिर गेंद को दूर भेज दिया. चीन ने इंटरसेप्ट कर तेजी से हमला बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने एक बार फिर खतरा टाल दिया. भारत अभी भी 1-0 से आगे है और इतिहास रचने से कुछ ही मिनट दूर खड़ा है.
महिला हॉकी फाइनल के तीसरे क्वार्टर की समाप्ति तक भारत ने चीन पर 1-0 की बढ़त बनाए रखी है. आखिरी दो मिनट में भारतीय टीम ने गेंद पर बेहतर कंट्रोल दिखाया और तेज पासिंग के जरिए खेल की रफ्तार को अपने मुताबिक रखा. हालांकि कोई बड़ा मौका नहीं बना, लेकिन समय निकालने की रणनीति भारत के लिए कारगर साबित हुई. अब गोल्ड मेडल जीतने के लिए भारतीय टीम को सिर्फ एक और क्वार्टर तक अपनी बढ़त बचाए रखनी होगी.
लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर झेले, भारत की बढ़त कायम
महिला हॉकी फाइनल के 33वें मिनट में चीन को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने पहला शॉट शानदार तरीके से ब्लॉक कर दिया. इसके बाद भी चीन ने दबाव बनाए रखा, मगर भारतीय डिफेंस ने एक और अहम बचाव करते हुए खतरा टाल दिया. हालांकि इस दौरान सलीमा चोटिल हो गईं और इलाज के लिए मैदान से बाहर चली गईं। भारत फिलहाल 1-0 से आगे है.
हाफटाइम: भारत ने 1-0 की बढ़त बरकरार रखी
महिला हॉकी फाइनल के दूसरे क्वार्टर की समाप्ति तक भारत ने चीन पर 1-0 की बढ़त बनाए रखी है. लालरेमसियामी के गोल की बदौलत आगे चल रही भारतीय टीम पर चीन ने लगातार दबाव बनाया, लेकिन भारतीय डिफेंस ने कोई गलती नहीं की. चीन को एक पेनल्टी स्ट्रोक भी मिला, मगर अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया ने शानदार बचाव करते हुए टीम की बढ़त बचाए रखी.
23वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक बचाने के बाद सविता पुनिया ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई. अनुभवी गोलकीपर ने झांग यिंग के स्ट्रोक की दिशा भांपते हुए शानदार डाइव लगाकर गेंद को रोक दिया. इसके कुछ ही सेकंड बाद चीन ने फिर खतरनाक हमला बोला, लेकिन सविता तेजी से आगे बढ़ीं और अटैक को रोक लिया.
सविता पुनिया बनीं दीवार! पेनल्टी स्ट्रोक बचाकर भारत की बढ़त बरकरार
महिला हॉकी फाइनल के 23वें मिनट में भारत को बड़ा झटका लग सकता था, जब सुशीला चानू की गलती के बाद चीन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन गोलकीपर सविता पुनिया ने शानदार वन-हैंडेड सेव करते हुए चीन का गोल रोक दिया. सविता के इस शानदार बचाव की बदौलत भारत ने 1-0 की बढ़त कायम रखी.
