आज दिनांक 6 अक्टूबर को आदर्श सेवा संस्थान, जमशेदपुर एवं रूरल डेवलपमेंट एसोसिएशन (RDA) के संयुक्त तत्वाधान में बाल सुरक्षा पर ज़िला स्तरीय “संवाद” का आयोजन होटल कैनेलाइट, साकची में किया गया. कार्यक्रम में झारखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य विकास दोदराजका, विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) से श्री मनोज कुमार, TdH Suisse के क्षेत्रीय समन्वयक-एशिया एवं राष्ट्रीय समन्वयक-इंडिया आशीष घोष, साइबर थाना प्रभारी श्रीनिवास प्रसाद तथा RDA के कार्यक्रम प्रबंधक सुजॉय भट्टाचार्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. अध्यक्षता आदर्श सेवा संस्थान की अध्यक्ष डॉ. निर्मला शुक्ला ने की एवं मंच संचालन एम. अरविन्दा ने किया.
कार्यक्रम का उद्देश्य बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर बच्चों की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों पर चर्चा करना था.
इस कार्यक्रम के दौरान एक खास बात यह रही कि समापन के पूर्व बच्चों का एक सत्र था जिसमें शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के 6 बच्चे बोल रहे थे और सभागार में मौजूद सभी लोग बहुत ध्यान से उन्हें सुन रहे थे. बच्चों की बातें उनकी जुबान से सुनना सभी के लिए इस पूरे आयोजन की सबसे प्रेरक बात लगी.
अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और उन्हें पौधा एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. संस्थान की सचिव प्रभा जायसवाल ने स्वागत करते हुए कहा कि दोनों संस्थाएँ बाल संरक्षण की दिशा में सदैव तत्पर रही हैं.
मुख्य अतिथि विकास दोदराजका ने कहा कि कई कार्यक्रमों के बावजूद बाल अधिकारों के प्रति आज भी बड़ा अंतर है और बाल मजदूरी, बाल विवाह व नशे जैसी समस्याएँ बच्चों के सामने बनी हुई हैं. श्री मनोज कुमार ने कहा कि बच्चों के साथ कठोरता के बजाय अच्छा संवाद करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं. श्री आशीष घोष ने बताया कि TdH बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और भागीदारी के अधिकार के लिए कार्य करती है और बच्चों के नज़रिए से समाधान सोचती है.
साइबर थाना प्रभारी श्रीनिवास प्रसाद ने फेसबुक-इंस्टाग्राम और ऑनलाइन गेमिंग के खतरों की ओर ध्यान दिलाया और कहा कि बच्चे गेमिंग के दौरान अपनी निजी जानकारी साझा कर देते हैं. बचाव के लिए उन्होंने बच्चों से दोस्ताना रिश्ता रखने, संदिग्ध व्यक्ति को ब्लॉक करने तथा 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी. श्री सुजॉय भट्टाचार्य ने बताया कि RDA ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं विकास के लिए कार्य करती है. प्रथम सत्र का धन्यवाद ज्ञापन भी उन्होंने ही किया.
अगले सत्र में इंडियन यूथ काउंसिल (IYC) के सदस्यों ने पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण समिति का गठन, ज़िला बाल संरक्षण इकाई द्वारा स्कॉलरशिप, 16 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग तथा बाल सुधार गृह से निकले बच्चों के पुनर्स्थापन जैसे मुद्दे उठाए और ज़िला बाल संरक्षण पदाधिकारी को माँग पत्र सौंपा.
इसके बाद पैनल डिस्कशन हुआ, जिसमें बाल कल्याण समिति के सदस्य पवन कुमार, ज़िला बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रेम प्रकाश, ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) से अधिवक्ता श्रीमती प्रीती मुर्मू, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य सुधीर कुमार प्रसाद, जमशेदपुर प्रेस क्लब के सचिव विकास श्रीवास्तव, शिक्षक अरविन्द तिवारी तथा ज़िला पार्षद सदस्य श्रीमती देवयानी मुर्मू शामिल हुए. संचालन आदर्श सेवा संस्थान की लक्खी दास ने किया. प्रेम प्रकाश ने कहा कि सभी विभागों को अपने ज़िले को चाइल्ड फ्रेंडली बनाना चाहिए और बाल हिंसा, बाल विवाह-बाल श्रम तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्रमुख चुनौतियाँ बताया. बाल कल्याण समिति ने बताया कि वह देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के सर्वोत्तम हित में निर्णय लेती है. श्री सुधीर कुमार प्रसाद ने कहा कि किशोर न्याय बोर्ड में बच्चों की पहचान गोपनीय रखी जाती है और वे कौशल भी सीखते हैं. श्री अरविन्द तिवारी ने कहा कि शिक्षक को चाइल्ड फ्रेंडली होना चाहिए, क्योंकि बच्चे अपनी बातें अक्सर शिक्षक से साझा करते हैं.
श्रीमती प्रीती मुर्मू ने कहा कि DLSA ग्रामीण क्षेत्रों व गरीब बच्चों तक विधिक सहायता पहुँचाती है. श्रीमती देवयानी मुर्मू ने कहा कि पंचायती राज स्तर पर बच्चों के लिए स्पष्ट योजना है और ज़िला परिषद की योजनाओं में बाल संरक्षण को स्थान मिलना चाहिए. श्री विकास श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों से जुड़ी खबरों में उनकी पहचान गोपनीय रखी जानी चाहिए. POCSO के मामलों में बच्चों को बार-बार बयान न देना पड़े, इसके लिए चाइल्ड फ्रेंडली वातावरण और सिंगल विंडो व्यवस्था पर ज़ोर दिया गया.
इसके बाद “युवाओं की नज़र में बाल संरक्षण” विषय पर पैनल डिस्कशन हुआ, जिसमें IYC के सोनू गिरी, बन्दना दास, डोली पातर (घाटशिला) तथा सोम कंसारी, नंदिनी कुमारी, रिंकी पाल (जमशेदपुर) शामिल हुए. संचालन चमकता आईना के संपादक जय प्रकाश राय ने किया. सोनू गिरी ने कहा कि जेंडर के आधार पर सुरक्षा में भेदभाव नहीं होना चाहिए और गरीब ग्रामीण बच्चे बाल मजदूरी, ड्रॉपआउट एवं बाल विवाह के शिकार होते हैं. सोम कंसारी ने साइबर बुलिंग, फर्जी अकाउंट और ब्लैकमेल के खतरों पर बात रखी. बन्दना दास ने बच्चों के लिए बाल अधिकारों पर विशेष सत्र आयोजित करने की बात कही. डोली पातर ने गाँव में लाइब्रेरी, प्रतियोगिता कक्षाओं और खेल-कूद को बढ़ावा देने तथा VCPC में युवाओं की भागीदारी की माँग की. रिंकी पाल ने कहा कि लड़कियों पर रोक-टोक और लड़कों पर ज़िम्मेदारी का बोझ दोनों बाल संरक्षण को प्रभावित करते हैं तथा मानसिक स्वास्थ्य को भी महत्व मिलना चाहिए. नंदिनी कुमारी ने नुक्कड़ नाटक, रैली और वॉल पेंटिंग के माध्यम से जागरूकता तथा बाल संगठन बनाने की बात कही.
अंत में आदर्श सेवा संस्थान की परियोजना समन्वयक उषा महतो ने धन्यवाद ज्ञापन किया. उन्होंने खुशी जताई कि बच्चे मंच पर अपनी बात रख रहे हैं और सभी अतिथियों, युवाओं एवं सहयोगियों को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम का समापन किया.
