अनोखी पहल:टाटा स्टील यूआईएसएल की ‘रिलाइफ’ से अनपुयोगी घरेलू वस्तुओं को मिलेगा नया जीवन

आरआरआर सेंटर में जरूरतमंदों को मिलेेंगी उपयोजी चीजें
जमशेदपुर : टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड ने घरों में अनुपयोगी पड़ी लेकिन इस्तेमाल के योग्य वस्तुओं को नया जीवन देने व कचरे की मात्रा कम करने के उद्देश्य से नई पहल शुरू की, जिसके तहत बिष्टुपुर स्थित जी टाउन क्लब के निकट संचालित रिड्यूस, रीयूज एंड रिसाइकिल (आरआरआर) सेंटर में ‘रिलाइफ आपकी अनुपयोगी वस्तुओं को नया जीवन’ अभियान की शुरुआत की गई है. इस पहल के माध्यम से पुन: उपयोग, मरम्मत और संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ सामाजिक सरोकारों को भी मजबूत किया जाएगा.
शनिवार को आरआरआर सेंटर का उद््घाटन फीता काट कर किया गया. इस दौरान घरेलू सामानों को जमा करने के लिए वाहनों को टाटा स्टील यूआईएसएल के प्रबंध निदेशक अतुल भटनागर व उनकी पत्नी सुरभि भटनागर ने झंडी दिखा कर रवाना किया गया. इस मौके पर कंपनी के प्रबंध निदेशक अतुल भटनागर ने शहरवासियों से अपील की कि वे अपने घरों में रखे ऐसे कपड़े, जूते-चप्पल, किताबें, खिलौने, साइकिल, बैग व अन्य घरेलू सामान, जिनका वे अब इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, उन्हें आरआरआर सेंटर में दान करें. एकत्रित वस्तुओं की सफाई व जरूरत के अनुसार मरम्मत की जाएगी. इसके बाद इन्हें धुलाई और मरम्मत पर आने वाले खर्च को ध्यान में रखते हुए बेहद मामूली कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उपयोगी वस्तुओं को कचरे में जाने से बचाने के साथ जरूरतमंद लोगों को कम कीमत पर जरूरी सामान मिल सकेगा.
सफाई मित्रों से होगी पहल की शुरुआत
टाटा स्टील यूआईएसएल की इस पहल की शुरुआत कंपनी के सफाई मित्रों से की जाएगी. शहर को स्वच्छ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने वाले सफाई मित्रों को इसका शुरुआती फायदा मिलेगा. इसके बाद अभियान का विस्तार आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों और आसपास के गांवों तक किया जाएगा जिससेे अधिक से अधिक लोगों को कम कीमत पर उपयोगी घरेलू वस्तुएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर
टाटा स्टील यूआईएसएल की यह पहल पर्यावरण संरक्षण व जिम्मेदार उपभोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. वस्तुओं की मरम्मत व फिर उपयोग से जहां कचरे की मात्रा कम होगी, वहीं नए संसाधनों की खपत पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. साथ ही, कम कीमत पर उपयोगी वस्तुएं उपलब्ध होने से जरूरतमंद समुदायों को भी फायदा मिलेगा.
पुराने कपड़ों से बनेंगे उपयोगी उत्पाद
इस पहल की एक खास विशेषता यह है कि इसमें वस्तुओं के पुन: उपयोग के साथ उनके पुनर्चक्रण पर भी जोर दिया गया है. ऐसे कपड़े और वस्त्र, जो दोबारा पहनने या इस्तेमाल करने योग्य नहीं रहेंगे, उन्हें एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के सहयोग से उपयोगी उत्पादों में बदला जाएगा, जिनसे जूते, दरी, कालीन व बेडशीट जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे. इस तरह अनुपयोगी कपड़ों को फेंकने के बजाय उनका उपयोग नए उत्पाद बनाने में किया जा सकेगा.
पुस्तकों से विकसित होगा सामुदायिक पुस्तकालय
रिलाइफ अभियान के तहत एकत्रित पुस्तकों का भी बेहतर उपयोग किया जाएगा. इन पुस्तकों के माध्यम से सामुदायिक पुस्तकालय विकसित करने की योजना है जिससे पाठक नाममात्र की वापसी योग्य सुरक्षा राशि जमा कर नि:शुल्क पुस्तकें पढऩे के लिए ले सकेंगे. इससे पुस्तकों का पुन: उपयोग बढ़ेगा और पढऩे की सुविधा अधिक लोगों तक पहुंच सकेगी.

Share this News...