जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ने पत्रकार निधि राजदान से रचाई शादी, खुद शेयर की तस्वीरें

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शादी के बंधन में बंध गए हैं. उन्होंने पत्रकार निधि राजदान से शादी की है. सोशल मीडिया पर सीएम अब्दुल्ला ने शादी की तस्वीरें भी शेयर की हैं. इसी साल उमर अब्दुल्ला का उनकी पहली पत्नी पायल अब्दुल्ला के साथ तलाक हुआ था.
सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरें

अपनी शादी के बारे में सीएम उमर अब्दुल्ला ने खुद एक्स पर जानकारी दी. उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा,’कल एक नए सफर की शुरुआत हुई.’ उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान के संबंधों को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चाएं होती रही थीं. निधि राजदान पहले भी उमर अब्दुल्ला के सार्वजनिक कार्यक्रमों और शपथ ग्रहण समारोहों में नजर आ चुकी हैं.

हाल ही में उमर अब्दुल्ला और उनकी पहली पत्नी पायल का तलाक हुआ था. सुप्रीम कोर्ट में दोनों ने सहमति से तलाक का फैसला लिया. उमर अब्दुल्ला और पायल की शादी सितंबर 1994 में हुई थी, लेकिन वे लंबे समय से अलग रह रहे हैं. उमर की तलाक की याचिका को सबसे पहले 30 अगस्त 2016 को फैमिली कोर्ट ने खारिज कर दिया था. इसके बाद उमर दिल्ली हाईकोर्ट गए. हालांकि हाईकोर्ट ने भी तलाक की अर्जी खारिज कर दी.

हाईकोर्ट फैमिली कोर्ट के आदेश से सहमत था कि उमर अब्दुल्ला की ओर से पायल के खिलाफ क्रूरता के आरोप अस्पष्ट हैं. हाईकोर्ट ने कहा कि उमर अब्दुल्ला, पायल अब्दुल्ला की ओर से क्रूरता के किसी भी कृत्य को साबित करने में विफल रहे, चाहे वह शारीरिक हो या मानसिक. हमें अपील में कोई योग्यता नहीं मिली. इसे खारिज किया जाता है.

इसके बाद उन्होंने राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अगस्त 2024 में दोनों पक्षों के आपसी समझौते की संभावना तलाशने पर सहमत होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को मध्यस्थता के लिए भेज दिया था. तब कोर्ट ने मध्यस्थ की रिपोर्ट का इंतजार करते हुए सुनवाई टाल दी थी.

कौन हैं निधि राजदान
निधि राजदान का जन्म 11 अप्रैल, 1977 को नई दिल्ली में हुआ है। वह एक कश्मीरी पंडित परिवार से हैं। इसके अलावा, निधि राजदान का नाम उस वक्त भी चर्चा में आया था जब हार्वर्ड के नाम पर उनके साथ स्कैम हुआ था। निधि राजदान ने सोशल मीडिया पर बताया था कि वह फिशिंग स्कैम का शिकार हुई हैं। इस दौरान उन्हें हार्वर्ड विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद की फर्जी पेशकश की गई थी। टीवी पत्रकार ने इस मामले में एक बयान भी जारी किया था।
पहले बनना चाहती थीं डॉक्टर

निधि राजदान का जम्मू-कश्मीर से भी कनेक्शन है। हालांकि बहुत कम लोगों को पता होगा कि पहले निधि राजदान डॉक्टर बनना चाहती थीं। उनके पिता महाराज कृष्ण राजदान पीटीआई में एडिटर इन चीफ थे। वहीं, उनकी माता का नाम सरला राजदान है। निधि को बचपन से ही न्यूज और करेंट अफेयर्स का माहौल मिला। इसके चलते उन्होंने भी मीडिया में आने का फैसला किया।
ऐसी रही शुरुआती पढ़ाई-लिखाई

निधि राजदान ने शेख सराय, अपीजय स्कूल से शुरुआती पढ़ाई-लिखाई की। इसके बाद निधि ने लेडी श्रीराम कॉलेज से बैचलर की डिग्री ली। मीडिया में आने के लिए निधि राजदान ने बाकायदा इसकी पढ़ाई की और आईआईएमसी से रेडियो और टीवी जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। फिर उन्होंने एनडीटीवी जॉइन किया और अगले दो दशक तक यहां पर काम करते रहे। बाद में जून 2020 में उन्होंने करीब 21 साल के बाद एनडीटीवी छोड़ दिया।
मिले चुके हैं अवॉर्ड

निधि राजदान ने, किताबें भी लिखी हैं। ‘लेफ्ट, राइट एंड सेंटर : द आइडिया ऑफ इंडिया’, इसमें अहम है। अगर निधि राजदान की व्यक्तिगत रुचियों की बात करें तो उन्हें पेट्स के साथ समय बिताना पसंद है। इसके अलावा उन्हें साल 2009 में रामनाथ गोयनका अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म का अवॉर्ड मिला था। यह अवॉर्ड उन्हें जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट इंडिया से रिपोर्टिंग के लिए दिया गया था।

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