सांसद और सफेदपोश कारोबारी में तनातनी की खबर से औद्योगिक क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म

आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में एक सफेदपोश उद्यमी और एक सांसद के बीच संबंधों में तनातनी की खबर है। उस सफेदपोश से पीड़ित व्यक्ति कामना करते हैं कि तनातनी की यह खबर सही हो। फेज़ 1 और फेज़ 3 में अवस्थित इस फाउंड्री नामधारी उद्योग के कार्यालय में कुछ ऐसा हुआ जिसको लेकर औद्योगिक क्षेत्र में तरह – तरह की चर्चा शुरू हो गयी है। बाहर निकल कर सफेदपोश द्वारा सांसद पुत्र को लेकर उल्टी सीधी बातें कहने की चर्चा है जबकि सांसद को इस्तेमाल कर इस सफेदपोश ने राजस्थान, हरियाणा आदि क्षेत्र के व्यापारियों और उद्यमियों और औद्योगिक संगठनों पर एकाधिकार कायम कर अपनी खूब रोटी सेंकी है। सांसद को घर की मुर्गी दाल बराबर समझने वाले इस सफेदपोश को सांसद द्वारा जैसी कि सूचना है जोर का झटका धीरे से दिया गया । यह सफेदपोश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भी बड़ा लिफाफा पॉकेट में लेकर चलते हैं जिस कारण भाजपा में संगठन के प्रभार में रहनेवाले बड़े नेता और अन्य नेताओं को भी महत्व नहीं देते। इनका बहुरुपिया वाला चेहरा आदित्यपुर नगर निगम चुनाव में संगठन के बड़े नेताओं ने नजदीक से देखा लेकिन भीतर ही दांत पीस कर रह गए। एक कहावत इन पर पूरी तरह चरितार्थ होती है -हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और’ । यह एक प्रसिद्ध हिन्दी लोकोक्ति है जिसका अर्थ है बाहरी दिखावा कुछ और होना, असलियत कुछ और होना. आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में अवस्थित उद्योगों के संगठन ” एसिया ” के एक प्रमुख पदधारी सफेदपोश पर इस संगठन से जुड़े सदस्य ही खुलेआम प्रयोग कर रहे हैं और अपने व्हाट्सअप्प समूह में खूब चर्चा भी करते हैं। सोशल मीडिया में भी इनको लेकर चर्चाएं शुरू हो गयी हैं। एसिया सदस्यों का कहना है कि ऊपर से बहुत अच्छे, ईमानदार और अलग किस्म के मृदुभाषी दिखनेवाले इस सज्जन का अंदर से इरादा और काम बिल्कुल भिन्न होता है…. जारी

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