अगर आप चाय की दुकान, ढाबा, कैफे या फूड स्टॉल चलाते हैं, किराए के घर में रहते हैं या काम के लिए दूसरे शहर में रहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) रसोई गैस के इस्तेमाल को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया है कि सरकारी तेल कंपनियां 10 किलो के हल्के कमर्शियल LPG सिलेंडर लाने की तैयारी कर रही हैं.मंजूरी मिलने के बाद ये सिलेंडर गैस एजेंसी और कुछ रिटेल दुकानों पर कमर्शियल रेट पर मिल सकते हैं.
बता दें कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के दौरान भारत के LPG बाजार में कई बड़े बदलाव देखने को मिले. इस दौरान सरकार ने PNG नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया और बड़ी संख्या में लोगों ने LPG की जगह PNG कनेक्शन लिया. सप्लाई बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए गए. घरेलू LPG उत्पादन करीब 32 TMT से बढ़ाकर 52 TMT से ज्यादा कर दिया गया, यानी इसमें 60 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई. इसी दौरान 5 किलो वाले ‘छोटू’ LPG सिलेंडर की मांग भी तेजी से बढ़ी. अब इसी कड़ी में 10 किलो के कमर्शियल LPG सिलेंडर लाने की तैयारी को एक और बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
क्या है 10 किलो कमर्शियल सिलेंडर का प्लान?
सूत्रों ने बताया है कि सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम 10 किलो के हल्के कंपोजिट LPG सिलेंडर कमर्शियल ग्राहकों के लिए लाने पर विचार कर रही हैं. अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो ये सिलेंडर कमर्शियल रेट पर गैस एजेंसियों और कुछ रिटेल आउटलेट्स के जरिए बेचे जा सकेंगे.
किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
इसका सबसे ज्यादा फायदा छोटे कारोबारियों, चाय और खाने के स्टॉल चलाने वालों, कैफे, फूड कियोस्क, किराएदारों, छात्रों और दूसरे शहरों में काम करने वाले मजदूरों को होगा. जिन लोगों के पास 19 किलो का बड़ा सिलेंडर रखने की जगह नहीं होती या उसे उठाने में दिक्कत होती है, उनके लिए 10 किलो का सिलेंडर ज्यादा आसान रहेगा.
