CSK ने 7 ट्रॉफी जीतने वाले कोच फ्लेमिंग से तोड़ा रिश्ता, क्या अब बदलेगी थाला की भूमिका?

 

चेन्नई: इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास की सबसे सफल और लंबे समय तक चलने वाली साझेदारियों में से एक का आखिरकार अंत हो गया है। चेन्नई सुपर किंग्स और उनके हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने आपसी सहमति से एक-दूसरे से अलग होने का बड़ा फैसला किया है। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लगातार फ्लॉप शो के कारण यह फैसला लेते हुए एमएस धोनी से सबसे करीबी की बलि चढ़ा दी है। सीएसके मैनेजमेंट और फ्लेमिंग के बीच कई दौर की खुली और ईमानदारी से हुई बातचीत के बाद सम्मान और आभार के साथ यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। अब माना जा रहा है कि एमएस धोनी की भुमिका में भी कुछ बदलाव आ सकता है। इसके अलावा हेमंग बदानी का नाम भी सामने आ रहा है।
चेन्नई सुपर किंग्स को दिलाई 7 ट्रॉफी
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग साल 2008 में आईपीएल के उद्घाटन सत्र के दौरान बतौर खिलाड़ी चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े थे। इसके ठीक बाद साल 2009 में उन्होंने टीम के हेड कोच की कमान संभाली। पिछले 18 सालों के दौरान फ्लेमिंग ने अपनी रणनीतियों के दम पर चेन्नई सुपर किंग्स को फ्रेंचाइजी क्रिकेट की दुनिया में सबसे सम्मानित और निरंतर प्रदर्शन करने वाली टीम के रूप में स्थापित किया।
स्टीफन फ्लेमिंग के कोच रहते हुए चेन्नई सुपर किंग्स ने सफलता के उन शिखरों को छुआ, जो किसी भी टी20 टीम के लिए एक सपना है। उनके 17 साल के कोचिंग कार्यकाल में सीएसके का रिकॉर्ड बेहद बेमिसाल रहा है, फ्लेमिंग के मार्गदर्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने रिकॉर्ड 5 बार आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम की। इसके साथ ही टीम ने 2 बार चैंपियंस लीग टॉफी (CLT20) का खिताब भी जीता। फ्लेमिंग की देखरेख में चेन्नई की टीम ने रिकॉर्ड 12 बार प्लेऑफ में जगह बनाई, जबकि टीम रिकॉर्ड 10 बार आईपीएल के फाइनल मुकाबले में उतरी।

विदाई पर बेहद भावुक हुए स्टीफन फ्लेमिंग
चेन्नई सुपर किंग्स के मैनेजिंग डायरेक्टर केएस विश्वनाथन ने भी फ्लेमिंग के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ क्रिकेट खेलना नहीं सिखाया, बल्कि सीएसके की संस्कृति को विनम्रता और निरंतरता के साथ खड़ा किया। इंसानों को समझने और खिलाड़ियों से उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बाहर निकालना उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। विदाई पर खुद स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, ‘खेल की दुनिया में 18 साल का समय एक पूरी जिंदगी की तरह होता है, और मैं यहां से केवल आभार के साथ विदा ले रहा हूं। चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताया गया मेरा समय मेरे कोचिंग करियर का सबसे बड़ा विशेषाधिकार रहा है। हमने साथ मिलकर कई जीतों का जश्न मनाया, कठिन समय का सामना किया और ऐसी यादें बनाईं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी। सीएसके हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी।’

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