आज के दौर में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि संवेदनशीलता, प्रभावी संवाद ब नैतिक नेतृत्व जैसी मानवीय क्षमताएं ही सफल नेतृत्व की पहचान : डायरेक्टर
जमशेदपुर। एक्सएलआरआई की कार्यकारी शिक्षा इकाई एक्सएलआरआई लीडरशिप एजुकेशन एंड डेवलपमेंट (एक्सएलएएडी) ने वैश्विक स्तर पर नेतृत्व एवं व्यवहारिक कौशल विकास के लिए प्रसिद्ध डेल केमेगी इंडिया के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य छात्रों, पेशेवरों और वरिष्ठ अधिकारियों को आधुनिक उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप नेतृत्व एवं व्यवहारिक दक्षताओं से सशक्त बनाना है।
इस समझौते के तहत दोनों संस्थान मिलकर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करेंगे, जिनमें बिजनेस कम्युनिकेशन, एग्जीक्यूटिव प्रेजेंस, प्रभावी संवाद, बिजनेस स्टोरीटेलिंग, एग्जीक्यूटिव कोचिंग, प्रस्तुतीकरण कौशल, सार्वजनिक वक्तृत्व तथा नेतृत्व विकास जैसे विषय शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों का संचालन ऑफलाइन, लाइव ऑनलाइन और ब्लेंडेड मोड में किया जाएगा तथा प्रतिभागियों को उद्योग द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
एक्सएलआरआई के निदेशक डॉ. फादर एस जॉर्ज ने कहा कि संस्थान हमेशा से मानता रहा है कि चरित्र के बिना दक्षता अधूरी है। आज के दौर में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि संवेदनशीलता, प्रभावी संवाद और नैतिक नेतृत्व जैसी मानवीय क्षमताएं ही सफल नेतृत्व की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि डेल कार्नेगी इंडिया के साथ यह साझेदारी विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार करेगी।
डेल कार्नेगी इंडिया की चेयरपर्सन एवं प्रबंध निदेशक पल्लवी झा ने कहा कि यह साझेदारी प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में व्यवहारिक उत्कृष्टता और नेतृत्व क्षमता ही पेशेवरों की सबसे बड़ी ताकत होगी।
संस्थानों के अनुसार, यह पहल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए आईं), डिजिटल परिवर्तन और बदलते कार्यस्थल के दौर में ऐसे नेतृत्व का निर्माण करेगी, जो विश्लेषणात्मक सोच के साथ संवाद, सहयोग, नैतिक निर्णय क्षमता और मानवीय मूल्यों को भी समान महत्व दे। यह पहल एक्सएलआरआई के “मैनेजमेंट विद अ ह्यूमन फेस” के दर्शन को और मजबूत करेगी।
