जमशेदपुर में फुजीफिल्म की ओर से एक दिवसीय क्रिएटिव फोटोग्राफी एवं कैमरा तकनीकी कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में फुजीफिल्म की X-Series कैमरा श्रृंखला के विभिन्न फीचर्स, कैमरा सेटिंग्स तथा आधुनिक फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रतिभागियों को प्रदान की गई।कार्यक्रम में कोलकाता से आए तकनीकी विशेषज्ञ अरित्रो दास ने प्रतिभागियों को फुजीफिल्म कैमरों की विशेषताओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि फुजीफिल्म कैमरे उत्कृष्ट इमेज क्वालिटी, सिनेमाई रंगों (Cinema Color) तथा उन्नत वीडियो फीचर्स के साथ अपेक्षाकृत कम लागत में बेहतरीन फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की सुविधा प्रदान करते हैं। उन्होंने विभिन्न शूटिंग मोड, फिल्म सिमुलेशन, कलर साइंस तथा वीडियो फीचर्स का लाइव प्रदर्शन भी किया।
कार्यशाला के दौरान कलर स्मोक इफेक्ट के साथ लाइव फोटोग्राफी एवं क्रिएटिव वीडियोग्राफी डेमो प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित फोटोग्राफर काफी प्रभावित हुए। प्रतिभागियों को कैमरे की वास्तविक क्षमता को समझने और आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला।
इस कार्यशाला को सफल बनाने में फुजीफिल्म के कृष्णा यादव एवं Photographer Society of Jharkhand की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों से जमशेदपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के अनेक फोटोग्राफरों को आधुनिक कैमरा तकनीकों और नवीनतम उपकरणों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
कार्यशाला में उपस्थित फोटोग्राफरों ने फुजीफिल्म कैमरों के उन्नत फीचर्स, उत्कृष्ट कलर साइंस तथा प्रोफेशनल वीडियो क्षमताओं की सराहना की। प्रतिभागियों का मानना था कि फुजीफिल्म के कैमरे फोटोग्राफी एवं सिनेमैटिक वीडियोग्राफी के क्षेत्र में एक प्रभावशाली विकल्प के रूप में उभर रहे हैं और पेशेवर फोटोग्राफरों को इन आधुनिक तकनीकों का लाभ अवश्य उठाना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस प्रकार की तकनीकी कार्यशालाओं का नियमित आयोजन किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि फोटोग्राफरों को नई तकनीकों एवं उपकरणों की जानकारी निरंतर प्राप्त होती रहे।
इस कार्यशाला को सफल बनाने में Photographer Society of Jharkhand के अध्यक्ष सुमंत शर्मा, महासचिव नितेश कुमार, सह सचिव दीप कुमार, मीडिया प्रभारी हरे राम प्रसाद एवं अभिषेक पांडे, साथ ही डी. सोनू अचारी, उदय लाल, विवेक कुमार, सुनील गोराई, मुकेश कुमार, शंकर गोराई एवं मंटू सहित अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इनके सहयोग से कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन संभव हो सका।
