लौट आया 180 जिंदगियां बचाने वाला योद्धा, डॉक्टर बोले- स्मित मच्छार का बच जाना ही करिश्मा

नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कैप्टन स्मित मच्छार की एक नई तस्वीर सामने आई है, जिसमें उनके सिर पर गहरी चोट के निशान नजर आ रहे हैं. यह तस्वीर उस समय की है, जब उन्हें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया था. इसी दौरान उनके सिर पर चोट के गहरे निशान दिखाई दिए.

डॉक्टरों ने कैप्टन स्मित मच्छार की चोट के निशान देखकर हैरानी जताई है और इसे करिश्मा बताया है. डॉक्टरों का कहना है कि स्मित मच्छार को जिस तरह से चोट लगी है, उससे उनकी जान जाने का भी खतरा था.

कैप्टन स्मित मच्छार 30 सितंबर को उसी प्लेन को उड़ा रहे थे, जिसे ओमानी को-पायलट हमाम हम्मामी ने हाईजैक करने की कोशिश की थी.

हम्मामी ने कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित मच्छार के सिर पर हमला कर दिया था. इतने हमले झेलने के बाद भी कैप्टन स्मित ने हार नहीं मानी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद यात्रियों ने को-पायलट को पकड़ लिया और विमान की सेफ लैंडिंग हुई. वरना को-पायलट हम्मामी का प्लान तो प्लेन को क्रैश करने का था.
जा सकती थी कैप्टन स्मित की जान?

लगभग महीनेभर तक चले इलाज के बाद 28 अक्टूबर को कैप्टन स्मित मच्छार नजर आए. UAE ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद II’ से सम्मानित किया.

इसी समय की उनकी तस्वीर आई, जिसमें उनके सिर के पीछे घाव के निशान साफ नजर आ रहे हैं. डॉक्टरों का मानना है कि कैप्टन स्मित के सिर पर लगी चोट उनकी जान भी ले सकती थी.

अमेरिका के न्यूरोसर्जन ने बताया कि उनके सिर की हड्डी टूटी थी. इसके अलावा दिमाग की एक बड़ी नस को काफी नुकसान पहुंचा था. ये वो नस थी, जो दिमाग से खून बाहर ले जाती है और दिल से जोड़ती है. ऐसे में ऑपरेशन के दौरान टूटी हुई हड्डी को निकालना मुश्किल था.

उन्होंने कहा कि हड्डी के टुकड़ों की वजह से अगर नस को ज्यादा नुकसान पहुंचता तो एक मिनट के अंदर 2 लीटर तक खून बहने का खतरा हो सकता था और उनकी जान जा सकती थी.

कैप्टन स्मित की दो सर्जरी की गई

ऑस्ट्रेलिया के न्यूरोसर्जन ने कैप्टन स्मित के निशान को देखकर कहा कि टांके और चोट के निशान देखकर लग रहा कि दो बड़ी सर्जरी हुई होंगी.

उन्होंने बताया कि पहली सर्जरी में सिर की हड्डी का एक बड़ा हिस्सा हटाया गया हो, जिससे चोटिल दिमाग में सूजन का दबाव कम किया गया हो. उन्होंने कहा कि दूसरी सर्जरी वापस उसी हड्डी को लगाने के लिए की गई हो.

उन्होंने बताया कि जिस तरह कैप्टन को सिर पर गंभीर चोट लगी, उससे मौत या दिव्यांग होने का खतरा 40 फीसदी से ज्यादा होता है.

Share this News...