दुमका/ कोलकाता – उपराजधानी दुमका के रेलवे स्टेशन पर बने कोयला डंपिंग यार्ड अब बहुत ही जल्द न्यू मदन पुर स्टेशन पर स्थांतरित होने जा रहा है। यह जानकारी पूर्व रेलवे द्वारा रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है। यहां बताते चलें कि कोयला यार्ड को स्थांतरित करने के लिए स्थानीय निवासी रवि शंकर मंडल के नेतृत्व में पांच वर्षों से आंदोलन कर रहे हैं। पूर्व रेलवे वर्तमान न्यू मदनपुर हॉल्ट को एक पूर्ण विकसित, आधुनिक ब्लॉक स्टेशन में उन्नत कर रहा है, जिसमें समग्र माल गोदाम (गुड्स शेड) सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
वर्तमान में सामान्य माल एवं भारी मात्रा में कोयले की लोडिंग-अनलोडिंग सहित सभी प्रमुख माल ढुलाई गतिविधियां दुमका स्टेशन पर ही केंद्रित हैं। मौजूदा माल गोदाम प्रतिदिन अत्यधिक भार संभालता है, जहां औसतन 3 से 4 कोयला रेकों के साथ-साथ पत्थर, बालू और खाद्यान्न से भरी एक अतिरिक्त रेक का भी प्रबंधन किया जाता है।
कोयले की लोडिंग बढ़कर प्रतिदिन 6 रेक तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए तथा जनता से प्राप्त अनेक अभ्यावेदनों पर विचार करते हुए, पूर्व रेलवे ने एक स्थायी समाधान प्रस्तुत किया है। भारी कोयला माल ढुलाई कार्यों को न्यू मदनपुर स्टेशन में स्थानांतरित किया जा रहा है, जो दुमका से 4.20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है तथा दुमका–बासुकीनाथ और दुमका–बारापलासी खंडों के बीच पड़ता है।
साथ ही, भारी ट्रक अब शहर के केंद्र से होकर नहीं गुजरेंगे, बल्कि सीधे न्यू मदनपुर जाएंगे, जिससे शहर की सड़कों पर यातायात जाम में कमी आएगी। नई व्यवस्था जसीडीह और भागलपुर की दिशा में यात्रा करने वाले यात्रियों की आवश्यकताओं को भी बिना किसी व्यवधान के पूरा करेगी।
स्थानीय स्तर पर राहत प्रदान करने के अलावा, यह नया समर्पित रेलहेड क्षेत्र की कैप्टिव कोयला खदानों से भविष्य में होने वाली विशाल कोयला निकासी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयुक्त रेक लोडिंग पॉइंट की तत्काल आवश्यकता भी पूरी करेगा। यह परियोजना व्यावसायिक कोयला यातायात में अनुमानित वृद्धि को सहजता से संभालेगी तथा उत्तर प्रदेश के विद्युत गृहों को ईंधन आपूर्ति के लिए कार्यरत दो प्रमुख विद्युत उत्पादन संस्थाओं की लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को भी पूरा करेगी।
विशेष रूप से, यह परियोजना सहारपुर–जमारपानी कोयला ब्लॉक (क्षमता 5.38 एमटीपीए) का समर्थन करेगी, जिसका संचालन उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) द्वारा उत्तर प्रदेश स्थित जवाहर पावर प्लांट के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त, यह राजमहल कोयला क्षेत्र के पचवारा साउथ ब्लॉक (क्षमता 9 एमटीपीए) की आवश्यकताओं को भी पूरा करेगी, जिसका संचालन नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन (NLC) द्वारा घाटमपुर पावर प्लांट के लिए किया जाता है। यह विद्युत संयंत्र उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन का संयुक्त उपक्रम है।
इस परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि पूर्व रेलवे औद्योगिक विकास और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। न्यू मदनपुर को एक पूर्ण माल ढुलाई स्टेशन के रूप में विकसित करने से एक साथ दो उद्देश्यों की पूर्ति होगी—एक ओर विद्युत क्षेत्र को आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर दुमका के लोगों को अधिक स्वच्छ, शांत और सुविधाजनक स्टेशन वातावरण का उपहार मिलेगा।
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पूर्व रेलवे के द्वारा दुमका रेलवे स्टेशन पर कोयला डंपिंग यार्ड को न्यू मदन पुर स्टेशन स्थांतरित करने के निर्णय का हम स्वागत करते हुए रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देवस्कर को धन्यवाद करते हैं। जिन्होंने आम जनता की समस्या को गंभीरता से लिया- रवि शंकर मंडल
