रांचीः झारखंड की राजधानी रांची में दुर्गा पूजा के बीच शुक्रवार, 16 अक्टूबर को मौसम ने अचानक करवट ले ली. दोपहर करीब 03:00 बजे के बाद आसमान में घने बादल उमड़ने लगे और तेज हवा के साथ मध्यम दर्जे की बारिश शुरू हो गई. इससे दुर्गा पूजा पंडालों और मेले में उमड़ने वाली भीड़ पर असर पड़ने की संभावना है. कई जगहों पर पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. पूजा पंडालों में दर्शन और मेले का आनंद लेने की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के मन में अब यही सवाल है कि क्या बारिश का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा?
अचानक क्यों बदला रांची का मौसम?
पिछले कुछ दिनों से तापमान में बढ़ोतरी के बीच शुक्रवार को मौसम में आए इस बदलाव को लेकर रांची मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने लोगों को राहत वाली खबर दी है. उनके मुताबिक, रांची में मौसम बदलने की मुख्य वजह स्थानीय स्तर पर विकसित हुआ लोकल थंडरस्टॉर्म है. इसका असर कांके से लेकर शहर के कुछ इलाकों तक देखने को मिला है.
Weather in Ranchi
आसमान में छाए काले बादल. (फोटो-ईटीवी भारत)
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहने के कारण स्थानीय स्तर पर वाष्पीकरण बढ़ा है. इससे बादलों का निर्माण हुआ और कुछ इलाकों में बारिश की स्थिति बनी. इस तरह के मौसमी बदलाव स्थानीय स्तर पर होते रहते हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल इस बदलाव को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है और बारिश का यह सिलसिला कुछ देर में थम जाएगा.
पूजा और मेले की रौनक पर कितना असर?
दरअसल, दुर्गा पूजा के दौरान रांची के अलग-अलग इलाकों में भव्य पंडाल बनाए गए हैं. श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए चतुर्थी से ही ज्यादातर पूजा पंडालों के पट खोल दिए गए हैं. ऐसे में शुक्रवार दोपहर अचानक हुई बारिश ने पूजा आयोजकों और श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी. तेज हवा और बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ और पंडालों तक पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी हुई.
हालांकि, मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर हुए इस बदलाव से आने वाले दिनों में दुर्गा पूजा के उत्साह पर कोई बड़ा असर पड़ने की आशंका नहीं है. मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है. शनिवार को भी आसमान में बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है.
मौसम वैज्ञानिक ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है. उनके मुताबिक स्थानीय स्तर पर गरज-चमक वाले बादल बनने की स्थिति में वज्रपात की आशंका बनी रहती है. ऐसे में लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदानों और खेतों में जाने से बचना चाहिए. बारिश या गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है.
मौसम केंद्र, रांची के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के दौरान गुमला जिले के घाघरा में 20.1 एमएम बारिश दर्ज की गई. राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान चाईबासा के जगन्नाथपुर में 34.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि लातेहार में न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस रहा. इस दौरान रांची में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री, जमशेदपुर में 32.1 डिग्री और बोकारो में 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
