झारखंड में फिलहाल छात्रों का आंदोलन स्थगित, हेमंत सरकार को दिया 60 दिन का अल्टीमेटम


रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ पिछले 26 दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच ने बुधवार को यह घोषणा की. हालांकि छात्र नेताओं ने साफ कर दिया कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है बल्कि दो महीने के लिए स्थगित किया गया है. यदि इस दौरान उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन पहले से अधिक ताकत के साथ फिर शुरू किया जाएगा.

25 जुलाई से चल रहा था सत्याग्रह

जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के छात्र नेता रामावतार महतो ने बताया कि 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया गया था. आंदोलन का उद्देश्य जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली, परीक्षा माफिया की भूमिका और भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाना था. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कई परीक्षाओं को रद्द करने और छात्रों की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाने के बाद मंच ने आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया है.

सरकार को दिया दो महीने का समय

रामावतार महतो ने कहा कि मंच ने सरकार को दो महीने का समय देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा, “हम आंदोलन समाप्त नहीं कर रहे हैं. हम इसे फिलहाल दो महीने के लिए स्थगित कर रहे हैं. यदि इस अवधि में सीबीआई जांच शुरू नहीं हुई और हमारी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन फिर शुरू होगा.”

उन्होंने कहा कि छात्रों की तीन प्रमुख मांगें थीं. पहली, परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच. दूसरी, जेपीएससी और जेएसएससी में व्यापक सुधार. तीसरी, जिन परीक्षाओं पर गंभीर सवाल उठे हैं उन्हें रद्द करना.

पीजीटी परीक्षा रद्द करने की भी मांग

छात्रों ने पीजीटी परीक्षा को रद्द करने की मांग भी दोहराई. उनका कहना है कि परीक्षा सुधारों को लेकर बैठक बुलाने की उनकी मांग स्वीकार कर ली गई है. साथ ही जिन परीक्षाओं को लेकर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं उनकी समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाना चाहिए.

छात्र नेताओं ने सरकार से झारखंड में सक्रिय कथित परीक्षा माफिया और उसके सरगनाओं का पर्दाफाश करने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि अब तक जिन विवादित परीक्षाओं को रद्द नहीं किया गया है उन पर भी फैसला लिया जाना चाहिए.

‘मांगें पूरी नहीं हुईं तो और बड़ा होगा आंदोलन’

रामावतार महतो ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो महीने बाद छात्रों को लगेगा कि सरकार की मंशा छात्रों के साथ नहीं है तो आंदोलन दोबारा शुरू होगा. उन्होंने कहा कि अगला चरण वर्तमान आंदोलन से कई गुना बड़ा और मजबूत होगा.

छात्रों, अभिभावकों और मीडिया का जताया आभार

छात्र नेताओं ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए झारखंड के लाखों छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और आम लोगों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि धूप, बारिश और रात-दिन की परवाह किए बिना छात्र आंदोलन के साथ खड़े रहे. मंच ने मीडिया कर्मियों की भी सराहना की और कहा कि पिछले 26 दिनों में उन्होंने लगातार आंदोलन की आवाज को जनता तक पहुंचाने का काम किया.

आंदोलन से जुड़े नेताओं ने कहा कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी सामाजिक संगठनों, न्यायप्रिय लोगों और आम नागरिकों की वजह से छात्रों की लड़ाई मजबूत हुई. उन्होंने सभी समर्थकों को जोहार और धन्यवाद देते हुए कहा कि छात्र हितों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.

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