राजस्थान में प्राइवेट स्कूलों से जुड़ा बड़ा फैसला, अभिभावकों को चुकानी होगी 100% फीस

कोरोना काल के दौरान प्राइवेट स्कूलों को पूरी फीस वसूली की छूट।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, अभिभावकों को 100 प्रतिशत चुकानी होगी फीस।
हाईकोर्ट ने पूर्व में ट्यूशन फीस का 70 प्रतिशत भुगतान करने का फैसला सुनाया था।

जयपुर। राजस्थान में प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर अभिभावकों को सुप्रीम कोर्ट से सोमवार को बड़ा झटका लगा है। कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन क्लासेज के दौरान अभिभावकों ने फीस में रियायत की मांग की थी, इसपर राजस्थान हाईकोर्ट ने राहत देते हुये फीस में छूट दी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब फीस का 100% भुगतान करना होगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अभिभावकों को पूरे साल की फीस को चुकाने के लिये थोड़ी राहत भी दी है, यह फीस 6 किस्तों में चुकाई जा सकेगी।
6 किस्तों में दे सकेंगे पूरी फीस
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार अब अभिभावकों को स्कूल की पूरी फीस चुकानी होगी। 5 मार्च से स्कूल अपनी फीस वसूल सकेंगे। हालांकि अभिभावकों को कोर्ट ने राहत प्रदान करते हुये फीस को 6 किस्तों में चुकाने की छूट भी दी है।
साल 2019-20 में तय फीस के हिसाब से देनी होगी फीस
कोर्ट के आदेशानुसार अब प्राइवेट स्कूल बढ़ी हुई फीस नहीं ले सकेंगे।5 मार्च 2021 से छात्रों से सत्र 2019-20 में तय फीस के हिसाब से ही वसूली हो सकेगी। हालांकि पूर्व में महज ट्यूशन फीस का 70 फीसदी देना तय हुआ था लेकिन अब पूरी फीस चुकानी होगी।
दबाव नहीं बना सकेंगे स्कूल, परीक्षा या क्लासेज पर असर नहीं

कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी व्यवस्था दी है कि जो अभिभावक फीस नहीं दे पाये है उनके बच्चों को परीक्षा या क्लासेज से बेदखल नहीं किया जा सकेगा। स्कूल फीस वसूली के लिये उन पर अनावश्यक दबाव नहीं बना सकेंगे। कोर्ट ने स्कूलों को यह भी निर्देश दिये हैं कि किसी छात्र की फीस जमा नहीं होने पर उसे स्कूल से बेदखल नहीं किया जा सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक
राजस्थान हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस इंद्रजीत महांती की खंडपीठ ने निजी स्कूल फीस विवाद मामले में अभिभावकों को राहत दी थी। कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि जिन निजी स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाया है, वे ट्यूशन फीस का 70% ही फीस के तौर पर ले सकेंगे। लेकिन प्राइवेट स्कूलों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुये अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दी है।

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