सदर अस्पताल में मलेरिया मरीजों के लिये दवा नहीं, पोटका से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ा प्रकोप, उपायुक्त ने किया निरीक्षण

 

जमशेदपुर, 28 जून (रिपोर्टर) : मलेरिया के बढ़ते प्रकोप और मलेरिया निरोधी आवश्यक दवाओं की अनुपलब्धता के बीच आज उपायुक्त राजीव रंजन एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवं सदर अस्पताल, परसुडीह का भ्रमण किया. उन्होंने मरीजों की हालात देखी.
जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार उपायुक्त ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि सभी मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराई जाए. किसी भी प्रकार की दवा, जांच, रक्त, बेड अथवा अन्य चिकित्सकीय सुविधा की कमी नहीं होनी चाहिए. गंभीर मरीजों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचार जारी रखने के निर्देश भी दिए गए. सूत्रों से पता चला है कि मलेरिया की दवाओं की अनुपलब्धता है. सिविल सर्जन ने दवाओं की खरीद अपने हाथ में ले रखी है. लेकिन दवाओं की खरीद हो नहीं रही है. पहले सीएसी आदि स्तर पर ब्लॉक से अथवा मलेरिया विभाग द्वारा दवाओं की खरीद कर ली जाती थी, जिसे फिलहाल सिविल सर्जन ने रोक दिया है. यह भी पता चला है कि अस्पताल में मास्क, सीरिंज, इंटरवेनस कीट सहित अन्य दैनंदिन दवाओं का भी घोर अभाव बना हुआ है. सदर अस्पताल में मरीजों को ये सारे चीजें खरीद कर लाने के लिये कहा जाता है. उपायुक्त ने सभी विभागों को समन्वय कायम कर काम करने का निर्देश दिया. आज सिविल सर्जन छुट्टी पर थे.
सदर अस्पताल में पोटका, मुसाबनी आदि क्षेत्रों से मलेरिया के अनेक मरीज भर्ती हैं. इनमें सबर जाति के भी कुछ मरीज हैं.
विज्ञप्ति में बताया गया है कि वर्तमान में अस्पतालों में भर्ती सभी ब्रेन मलेरिया पीडि़त मरीजों की स्थिति स्थिर है तथा चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है. जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी गंभीरता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मरीजों को आवश्यक सभी चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. पोटका प्रखंड के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर सर्वे, बुखार की जांच, मलेरिया की स्क्रीनिंग, दवा वितरण, मच्छरदानी के उपयोग के प्रति जागरूकता तथा संक्रमण की रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाने का दावा किया जा रहा है. राज्य स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम भी प्रभावित क्षेत्रों का लगातार भ्रमण कर स्थिति की निगरानी कर रही है. मौके पर डीडीसी, एसडीएम धालभूम, कॉलेज प्राचार्य, चिकित्सकों की टीम, जिला स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित धिकारी उपस्थित रहे.

लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने की अपील
उपायुक्त ने आमजनों से अपील की कि बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द अथवा अन्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं. मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें, घर एवं आसपास साफ-सफाई रखें तथा जलजमाव नहीं होने दें. समय पर जांच और उपचार से ब्रेन मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है.

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