जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय, जमशेदपुर क्षेत्रीय इकाई में भारत सरकार की स्थायी काउंसिल के रूप में नवनियुक्त अधिवक्ता प्रियंका सिंघल ने स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अधिनियम और केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 2025 के तहत एसीजेएम-सह-आर्थिक अपराध न्यायालय, जमशेदपुर के न्यायालय के समक्ष केस नंबर सी/1- 3549/2026 में मनीष राय की न्यायिक हिरासत सफलतापूर्वक हासिल कर ली।
रिमांड के समर्थन में बहस करते हुए, सुश्री सिंघल ने प्रस्तुत किया कि आरोपी विभाग के साथ पंजीकरण किए बिना करमचंद पान मसाला और जर्दा सहित अपंजीकृत ब्रांडों का उत्पादन करने वाली एक पान मसाला निर्माण कंपनी का संचालन कर रहा था। कंपनी के परिसरों की तलाशी में पान मसाला और जर्दा की पैकिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली नौ अपंजीकृत मशीनों की खोज हुई।
सत्यापन करने पर, यह पाया गया कि कंपनी ने लागू जीएसटी, स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क का भुगतान नहीं किया था, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 18 करोड़ रुपये का कथित आपराधिक दुरुपयोग हुआ।
सुश्री सिंघल ने आगे प्रस्तुत किया कि नए अधिनियम के लागू होने के बाद झारखंड में इस तरह का यह पहला मामला पाया गया था, और डीजीजीआई, जमशेदपुर क्षेत्रीय इकाई ने पान मसाला और जर्दा के चल रहे अवैध निर्माण का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया था, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
