पुलिस अफसर बोले- ‘2026 में 22 माओवादी ढेर, अब तो हथियार छोड़ दो’
रांची:
देश को नक्सल मुक्त बनाने के अभियान को आज (गुरुवार, 21 मई) बड़ी सफलता हासिल हुई है. झारखंड में आज एक साथ 25 से ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया है. इनमें से कुछ तो 33 लाख रुपये के इनामी माओवादी भी शामिल हैं. सभी ने झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा के सामने अपने हथियार रखकर सरेंडर किया है. झारखंड के इतिहास में इसे अब तक का सबसे बड़ा सरेंडर कहा जा रहा है.
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (M) से जुड़े 27 माओवादियों ने झारखंड पुलिस, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ यूनिट के सामने अपने हथियार डाल दिए हैं और उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है. इस मौके पर सीआरपीएफ के आईजी और राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा दोनों ने बाकी के बचे हुए माओवादियों से भी सरेंडर करके मुख्यधारा में लौटने की अपील की है.
समर्पण करने वाले नक्सलियों की रैंक
जोनल कमांडर: 7
एरिया कमांडर: 7
सक्रिय कैडर: 13
आत्मसमर्पण करने वालों में 25 भाकपा (माओवादी) और 2 जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के सदस्य हैं. इनमें आठ नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इन सभी के खिलाफ मिलकर कुल 426 नक्सलियों के मामले दर्ज हैं.
झारखंड अलग राज्य गठन होने के बाद पहली बार 25 से अधिक नक्सलियों ने एक साथ अपने हथियार डाल दिए हैं. सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने भारी संख्या में हथियार और कारतूस भी पुलिस को सौंपे हैं. आत्मसमर्पण करने वालों में 25 भाकपा (माओवादी) और 2 जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के सदस्य हैं. इनमें आठ नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इन सभी के खिलाफ मिलाकर कुल 426 नक्सलियाें के मामले दर्ज हैं.
पहली बार इतनी बड़ी सफलता
सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस और खुफिया विभाग का प्रयास अब जमीन पर दिख रहा है. पिछले एक महीने से सारंडा में सक्रिय दो दर्जन से ज्यादा नक्सली हथियार के साथ जंगल से निकलने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षित जंगल से बाहर निकाल लिया है.
धुर्वा स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में गुरुवार दिन के 11 बजे आयोजित विशेष कार्यक्रम में सभी नक्सलियों ने एक साथ आधिकारिक रूप से सरेंडर कर दिया. आत्मसमर्पण के साथ-साथ नक्सलियों ने आधुनिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी पुलिस को सौंपा है. जिनमें लाइट मशीन गन (LMG), 5 इंसास राइफल, 9 एसएलआर राइफल, 1 बोल्ट-एक्शन राइफल, 1 पिस्टल, 31 मैगजीन, 3000 राउंड जिंदा कारतूस शामिल है.

इन नक्सलियों ने किया सरेंडर
- गादी मुंडा उर्फ गुलशन (निवासी- बुण्डू, रांची), जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था. इसके खिलाफ चाईबासा, सरायकेला, रांची और खूंटी में कुल 48 मामले दर्ज हैं.
- नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा उर्फ मुखिया (निवासी- अड़की, खूंटी) जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था. चाईबासा और सरायकेला में 38 मामले दर्ज हैं.
- रेखा मुंडा उर्फ जयंती (निवासी- बुण्डू, रांची)- 5 लाख का इनामी, चाईबासा और सरायकेला में 18 मामले दर्ज हैं.
- सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल (निवासी- गोइलकेरा, चाईबासा)- 5 लाख का इनामी, चाईबासा में 123 मामले दर्ज.
- करण तियू (निवासी- गोइल केरा, चाईबासा)- 2 लाख रुपये का इनामी, चाईबासा में 29 मामले दर्ज.
- दर्शन उर्फ बिंज हांसदा (निवासी- छोटानगरा, चाईबासा)- 5 लाख का इनामी, चाईबासा में 14 मामले.
- सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा (निवासी- छोटानगरा, चाईबासा)- 5 लाख इनामी, चाईबासा में 13 मामले दर्ज.
- बासुमती जेराई उर्फ बासू (निवासी- किरीबुरू, चाईबासा)- 1 लाख का इनामी, चाईबासा में 14 मामले.
- बैजनाथ मुंडा (निवासी- तमाड़, रांची)- चाईबासा में 4 मामले दर्ज हैं.
- रघु कायम उर्फ गुणा (निवासी- मुफसिल, चाईबासा)- चाईबासा में 19 मामले.
- किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका (निवासी- टोंटो, चाईबासा)- चाईबासा में 11 मामले.
- राम दयाल मुण्डा (निवासी- तमाड़, रांची)- सरायकेला और चाईबासा में कुल 4 मामले.

नक्सली कैडर जिन्होंने किया सरेंडर
वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, डांगुर बोइपाई, बसंती देवगम, मुन्नीराम मुण्डा, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह, नुअस, बुमली तियू, निति माई उर्फ निति हेंब्रम और लादू तिरिया इन सभी के ऊपर चाईबासा और अन्य थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.
JJMP संगठन के दो सदस्यों ने भी किया सरेंडर
जेजेएमपी संगठन के दो सदस्यों ने भी सरेंडर किया है. इनमें गुमला के अपर घाट का रहने वाला सचिन बैक और कलिगा का रहने वाला श्रवण शामिल है. सचिन बैक पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था और गुमला में उसके खिलाफ छह मामले दर्ज हैं. वहीं, श्रवण गोप के खिलाफ गुमला में 8 मामले दर्ज हैं.
