Big Breaking-सारंडा में सक्रिय मिहिर दस्ता के दो दर्जन से अधिक नक्सलियों ने डाले हथियार,  झारखंड के नक्सल इतिहास में  गुरुवार को होगा सबसे बड़ा  सरेंडर

कोल्हान जंगल में परैड करते नक्सलियों की फाइल फोटो

 

रांचीः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भले ही मार्च में ही देश को नक्सल मुक्त होने की घोषणा कर दी थी, लेकिन झारखंड अब नक्सल मुक्त होने जा रहा है. सारंडा में विचरण करने वाले कई नक्सलियों ने एक साथ जंगल छोड़ दिया है और सुरक्षा बलों के सामने हथियार डाल दिया है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इनमें कई इनामी नक्सली और महिला नक्सली भी शामिल हैं.

अब तक का सबसे बड़ा सरेंडर
गुरुवार को झारखंड के नक्सल इतिहास में सबसे बड़ा सरेंडर होगा. झारखंड में पहली बार एक साथ कई नक्सली विधिवत आत्मसमर्पण करेंगे. पुलिस मुख्यालय और सुरक्षा एजेंसियों से मिली सूचना के मुताबिक सारंडा में सक्रिय महिला नक्सली सहित दो दर्जन से अधिक नक्सलियों ने घने जंगलों के बीच सुरक्षाबलों के सामने हथियार डाल दिए हैं. बताया जा रहा है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने अपने साथ एक दर्जन से ज्यादा हथियार भी पुलिस को सौंपे हैं. सभी को सुरक्षित जंगलों में रखा गया था जिन्हें धीरे-धीरे रांची लाया गया है.

कई महिला नक्सलियों ने किया सरेंडर

जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली मिसिर बेसरा के दस्ते के बताए जा रहे हैं. बता दें कि एक करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा सारंडा में नक्सल संगठन को लीड कर रहा है. एक साथ इतनी संख्या में नक्सलियों के जंगल छोड़ के निकल जाने से संगठन को बहुत बड़ा झटका लगने की बात कही जा रही है. सारंडा में आधिकारिक तौर पर 45 से 50 की संख्या में नक्सली थे, अब उनकी संख्या आधी के आस-पास बच गई है. खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से काफी संख्या में महिला नक्सली भी हैं. जिसमे हार्डकोर महिला नक्सली भी शामिल हैं.

एक दर्जन हथियार भी सरेंडर

सारंडा में सक्रिय जिन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है उनमें से एक से लेकर 10 लाख तक के इनामी बताए जा रहे हैं. नक्सलियों के द्वारा एलएमजी, राइफल जैसे लगभग एक दर्जन हथियार भी सरेंडर करने की बात बताई जा रही है.

गुरुवार को होगा विधिवत सरेंडर
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में सभी नक्सली विधिवत हथियार डालेंगे. मौके पर डीजीपी सहित कोल्हान के तमाम पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे.

ओपन जेल में रहने को मिलेगा

झारखंड में गुरुवार को समर्पण करने वाले नक्सली अब सीधे ओपन जेल जाएंगे. ओपन जेल में उन्हें अपने परिवार के साथ रहने की सुविधा रहेगी. झारखंड पुलिस ने अपनी सरेंडर पॉलिसी में पिछले वर्ष ये बदलाव किया है, जिसके तहत अब आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली आम जेल नहीं जाएंगे, बल्कि वे हजारीबाग स्थित ओपन जेल में रहेंगे. ओपन जेल में रहने वाले नक्सलियों को जेल के अंदर कौशल योजना से जोड़ा जाता है. जेल के अंदर ही रोजगार के विभिन्न तरीकों को आत्मसमर्पित नक्सलियों को सिखाया जाता है, ताकि जब पूर्व नक्सली जेल से बाहर निकले तो उन्हें तुरंत रोजगार मिल सके. वहीं जिन नक्सलियों के ऊपर इनाम घोषित हैं उसकी राशि उन्ही को मिलेगी.

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