आदिवासी समाज को हथियार की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश हो रही है, हम ऐसा नहीं होने देंगे- अर्जुन मुंडा

भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक

रांची, । जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आदिवासी समाज को हथियार की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश हो रही है, हम ऐसा नहीं होने देंगे।आदिवासी समाज स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ना चाहता है और यही वजह है कि भाजपा के प्रति जनजातीय समाज का भरोसा बढ़ रहा है। हमें इस भरोसे को बनाए रखना होगा। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक के उद्घाटन सत्र में अर्जुन मुंडा ने आदिवासी हितों को लेकर सरकार के संकल्प को पार्टी कार्यकर्ताओं से साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनजातीय समाज को राजनीतिक हाथियार नहीं बनने देंगे।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने सौ करोड़ लोगों के टीकाकरण की उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने ताली और थाली बजवाई तो कुछ राजनीतिक दलों ने इसकी आलोचना की थी, लेकिन उस ताली में एक स्पंदन था, सौ करोड़ लोगों के टीकाकरण की उपलब्धि यह बता रही है। मुंडा ने कार्यसमिति में उपस्थित सभी लोगों से ताली बजवाई और कहा कि इस संयुक्त आवाज, लय और ताल से भारत आगे बढ़ेगा।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस देश में विकास की नई लकीर खींची गई है। आज आदिवासी समाज के आठ केंद्रीय मंत्री समाज का नेतृत्व कर रहे हैं। अरुणाचल से अंडमान तक आदिवासी समाज ने भाजपा को चुना है, यह हमारे लिए गौरव की बात है। अब हमें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कैसे पहुंचें और देश के आत्मनिर्भर कैसे बनाएं, इसकी चिंता करनी है। इसी संकल्प को लेकर हम सभी को आगे बढ़ना है। मुंडा ने कहा कि कांग्रेस के समय आदिवासियों के नाम पर योजनाएं बनती थीं, लेकिन वे योजनाएं आदिवासियों के लिए नहीं होती थीं।
परिणाम यह हुआ कि आदिवासी समाज उपेक्षा का दंश झेलता रहा। लेकिन वर्ष 2014 के बाद से एक नई यात्रा प्रारंभ हुई है। आदिवासी समाज हमारे लिए एक परिवार है और हमें इस परिवार को लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रखंड में एकलव्य विद्यालय हो – इसकी चिंता प्रधानमंत्री ने की है। पहले राज्यों को आवंटन देकर पल्ला झाड़ लिया जाता था। लेकिन अब प्रधानमंत्री सोचते हैं कि जब तक देश का आदिवासी आगे नहीं बढ़ेगा तब तक देश आगे नहीं बढ़ेगा। कहा, आदिवासी समाज की परंपरा और संस्कृति उसकी पहचान है। लेकिन इस समाज की प्रगति भी जरुरी है। हमारा समाज कैसे आगे बढ़े इसी चिंता हम सभी को करनी होगी।
केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी दलों के रवैये की आलोचना भी की। कहा, हम हर ब्लॉक में एकलव्य विद्यालय खोलना चाहते हैं, लेकिन एकलव्य विद्यालय न खुले ऐसी भी राजनीति हो रही है। ऐसे दल देश के भविष्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं। झारखंड सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि यहां की सरकार में जनजातीय समाज के कई मंत्री हैं, लेकिन वे हमारे मंत्रालय के साथ चर्चा तक नहीं करना चाहते हैं। पश्चिम बंगाल में ट्राइफेड की योजनाओं को जमीन पर उतरने नहीं दिया जा रहा है।

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