निलंबन मुक्त करने की मांग पर अड़ी छात्राएं, शाम छह बजे तक सड़क पर प्रदर्शन; दोनों ओर वाहनों की लगी लंबी कतार
झुमरी तिलैया – सीडी बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय की प्राचार्य शशि सिंह को निलंबन मुक्त करने की मांग को लेकर छात्राओं का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को छात्राओं ने विद्यालय में प्रदर्शन के बाद दोपहर करीब तीन बजे झंडा चौक पहुंचकर सड़क जाम कर दिया। समाचार लिखे जाने तक शाम छह बजे तक सड़क जाम जारी था। छात्राओं के आंदोलन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।
जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) सीडी बालिका विद्यालय पहुंचे और छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानने का प्रयास किया। इस दौरान क्लास मॉनिटरों से भी बातचीत की गई, लेकिन इसके बावजूद छात्राएं प्राचार्य शशि सिंह को निलंबन मुक्त करने की मांग पर अड़ी रहीं। विद्यालय में दोपहर तीन बजे छुट्टी होने के बाद छात्राओं ने झंडा चौक पहुंचकर सड़क जाम कर दिया और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
छात्राओं का कहना है कि गणित शिक्षक शशि सिंह उनके लिए प्रेरणास्रोत हैं। मैट्रिक परीक्षा की तैयारी के दौरान गणित सहित अन्य विषयों में उनके द्वारा दिए जा रहे मार्गदर्शन और शिक्षा से छात्राओं को काफी लाभ मिल रहा है। ऐसे में वे चाहती हैं कि शशि सिंह को निलंबन मुक्त कर इसी विद्यालय में प्राचार्य के रूप में रखा जाए।
इधर, शाम पांच बजे तक डीईओ विद्यालय परिसर में ही मौजूद रहे। वहीं एसडीओ निर्मल सोरेन और एसडीपीओ प्रमोद केसरी ब्लॉक मैदान स्थित प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते रहे। जाम स्थल पर प्रभारी थाना प्रभारी पिंकी रानी पुलिस बल के साथ मौजूद हैं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक कोई प्रशासनिक अधिकारी छात्राओं से बातचीत करने के लिए जाम स्थल पर नहीं पहुंचा था।
छात्राओं के समर्थन में सोशल मीडिया पर भी आवाज उठने लगी है। लोगों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का हवाला देते हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने तथा छात्राओं की भावनाओं को समझते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शिक्षा विद्यार्थियों का मौलिक अधिकार है और उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
गौरतलब है कि शुक्रवार को धनतेरस के बाद दीपावली का त्योहार मनाया जाना है, लेकिन त्योहार से ठीक पहले छात्राओं के इस आंदोलन ने शहर की चर्चा को नया विषय दे दिया है। दीपावली के उल्लास से पहले छात्राओं का सड़क पर उतरकर विरोध जताना प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गया है। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग छात्राओं की मांग पर क्या निर्णय लेता है और आंदोलन समाप्त कराने के लिए क्या पहल की जाती है।
