: कल का मौसम
: देश के कई राज्यों में एक बार फिर चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. IMD ने बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के चलते देश के दक्षिणी और पूर्वी तटीय इलाकों में भारी की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 25-26 अक्टूबर तक एक भीषण चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है. IMD ने लोगों से अलर्ट रहने की अपील की है. इधर, उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में भी ठंडी हवाओं का असर शुरू हो गया है, जिसने देश में गुलाबी ठंड की दस्तक दे दी है.
IMD के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड में 25 अक्टूबर और 30 अक्टूबर को कहीं-कहीं छिटपुट बारिश होने की संभावना है. वहीं, हिमाचल प्रदेश में भी 25 अक्टूबर को हल्की वर्षा देखी जा सकती है. मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28-29 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29-30 अक्टूबर के बीच, जबकि पूर्वी राजस्थान में 25 अक्टूबर और 29-30 अक्टूबर के दौरान बारिश होने का अनुमान है. 29-30 अक्टूबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है.
कल कहां-कहां बारिश?
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मूसलाधार बारिश
केरल और माहे में भारी बारिश होने की आशंका है
कर्नाटक के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने का अनुमान है
लक्षद्वीप और उससे सटे दक्षिण-पूर्व अरब सागर के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर बारिश होने के आसार हैं
जम्मू-कश्मीर में हल्की से छिटपुट बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की छिटपुट वर्षा होने की संभावना है.
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक असर से छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है.
चक्रवाती तूफान और बारिश का कहां रहेगा सबसे ज्यादा असर?
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस चक्रवाती प्रणाली के प्रभाव से 27 और 28 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही 28 अक्टूबर को ओडिशा और तेलंगाना के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का कहर देखने को मिलेगा. इसके अलावा, ओडिशा में 27 और 29 अक्टूबर को भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.
एक तरफ जहां बंगाल की खाड़ी में तूफान आकार ले रहा है, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण-पूर्व अरब सागर और उससे सटे लक्षद्वीप क्षेत्र के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है. इसके प्रभाव से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 24 और 25 अक्टूबर को, जबकि केरल और माहे में 25 और 26 अक्टूबर को मूसलाधार भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है. पिछले 24 घंटों में भी तमिलनाडु में रिकॉर्ड 21 सेमी से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है.
तेज हवाओं और समुद्र की खराब स्थिति की चेतावनी
मौसम विभाग ने कहा है कि 26 अक्टूबर की सुबह तक बंगाल की खाड़ी में हवाओं की गति 70-80 किमी प्रति घंटा से लेकर झोंकों के साथ 90 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. इसके बाद 27 अक्टूबर से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलना शुरू हो जाएंगी. समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण स्थिति बेहद खराब रहने की आशंका है.
