अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए चयन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. इस पद के लिए इंटरव्यू का दौर पूरा हो चुका है. अब तीन नामों का एक फाइनल पैनल तैयार कर लिया गया है. इसे जल्द ही ट्रस्ट को सौंपा जाएगा. इस पद की रेस में उत्तर प्रदेश के दो जाने-माने अधिकारी सबसे आगे चल रहे हैं.
योगेश्वर राम मिश्रा और राजेश पांडे प्रबल दावेदार
सूत्रों के मुताबिक, इस रेस में योगेश्वर राम मिश्रा और राजेश पांडे के नाम पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है.योगेश्वर राम मिश्रा सीधे आईएएस अधिकारी नहीं बल्कि पीसीएस से प्रमोट होकर आईएएस बने हैं. काशी कॉरिडोर के निर्माण और उसके प्रबंधन के समय उनके द्वारा किए गए बेहतरीन कार्यों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है.
वहीं राजेश पांडे प्रदेश के बेहद चर्चित और तेजतर्रार पुलिस अधिकारी रहे हैं, जिन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में जाना जाता है. पुलिस सेवा में उनका करियर बेहद शानदार और बेदाग रहा है.
चूंकि काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के सीईओ भी पीसीएस अधिकारी ही हैं और देश के ज्यादातर बड़े धार्मिक ट्रस्टों में सरकार की तरफ से ऐसे ही अधिकारियों को कमान सौंपी जाती है, इसलिए राम मंदिर के लिए भी इसी तर्ज पर अनुभवी, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ चेहरे की तलाश की जा रही है. इन पैमानों पर योगेश्वर राम मिश्रा और राजेश पांडे पूरी तरह फिट बैठते हैं, क्योंकि दोनों को मंदिरों के संचालन और कामकाज का पुराना अनुभव है.
सेना के रिटायर्ड अफसरों ने भी दी टक्कर
हालांकि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का पलड़ा भारी है, लेकिन इस रेस में सेना के कई रिटायर्ड अधिकारियों ने भी इंटरव्यू दिया है. शॉर्टलिस्ट किए गए अंतिम 16 उम्मीदवारों में सेना के कुछ दिग्गज भी शामिल थे.
जानकारों का कहना है कि अगर अंतिम रूप से किसी सैन्य अधिकारी के नाम की घोषणा हो जाए, तो इसमें कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए. वहीं, इस पूरे सेलेक्शन प्रोसेस किसी भी महिला उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया है, क्योंकि देश के ज्यादातर बड़े मंदिरों के ट्रस्ट और प्रबंधन में पुरुषों का ही दबदबा रहा है.
5,585 आवेदनों से शॉर्ट लिस्ट किए गए तीन नाम
राम मंदिर के सीईओ पद के लिए चयन प्रक्रिया काफी लंबी और कड़ी रही है. शुरुआत में देश भर से 5,585 आवेदन मिले थे. इनमें से 3,877 उम्मीदवारों ने अपना विस्तृत बायोडाटा (CV) उपलब्ध कराया.
पहले चरण की स्क्रीनिंग के बाद 1,580 उम्मीदवारों की प्रस्तुतियों और योग्यताओं का बारीकी से मूल्यांकन किया गया. इसके बाद 111 उम्मीदवारों के साथ ऑनलाइन इंटरैक्शन किया गया. छंटनी के बाद 16 उम्मीदवारों को फाइनल इंटरव्यू के लिए चुना गया. अब इनमें से छांटकर 3 नामों का एक पैनल तैयार किया गया है, जिसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जाएगा.
इन तीन नामों के पैनल में से कौन राम मंदिर ट्रस्ट का नया सीईओ बनेगा, इस बात का अंतिम फैसला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ही करेगा. ट्रस्ट की मुहर लगते ही देश के सबसे बड़े धार्मिक प्रोजेक्ट के प्रबंधन की कमान नए अधिकारी के हाथों में सौंप दी जाएगी.
