वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का भव्य शुभारंभ

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सुगम जलार्पण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार
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दुमका – विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला का भव्य शुभारंभ पूरे विधि-विधान के साथ बुधवार को हुआ और इसी के साथ एक महिना तक चलने वाला श्रावणी मेला शुरू हो गया। उद्घाटन समारोह के दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा बासुकीनाथ धाम गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर, संथाल परगना प्रमंडल के आयुक्त संजय कुमार, उपायुक्त अभिजीत सिन्हा, पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खेरवार, उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान,प्रशिक्षु आईएफएस पुष्कर काले, पूर्व राज्यसभा सांसद अभयकांत प्रसाद, जिला परिषद उपाध्यक्ष सुधीर मंडल,नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वीणा देवी, सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2026 का विधिवत शुभारंभ किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर ने कहा कि पूरे एक माह तक चलने वाले राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव का आज विधिवत शुभारंभ हुआ है। यह मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, सेवा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव का महापर्व है। इस मेले को सफल बनाने में प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवकों एवं समाज के प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी के सामूहिक सहयोग से ही यह मेला सफलतापूर्वक संपन्न होगा और बाबा बासुकीनाथ की नगरी की पहचान विश्व स्तर पर अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु बाबा बासुकीनाथ के दर्शन एवं जलार्पण के बाद अपने साथ एक सुखद और बेहतर अनुभव लेकर अपने घर लौटें, यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि बाबा के भक्तों की सेवा में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। श्रद्धालुओं की सेवा करना बाबा बासुकीनाथ की सेवा के समान है। अतिथि देवो भवः की भावना के साथ प्रत्येक श्रद्धालु का स्वागत एवं सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
संथाल परगना प्रमंडल के आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन एवं जलार्पण के पश्चात बाबा बासुकीनाथ के दरबार में जलार्पण के बाद ही श्रद्धालुओं की यात्रा पूर्ण मानी जाती है।
उन्होंने कहा कि मेले में प्रतिनियुक्त सभी प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों तथा कर्मियों का श्रद्धालुओं के प्रति समर्पण ही उनकी सच्ची सेवा है। प्रत्येक श्रद्धालु हमारे लिए अतिथि हैं और उनके साथ हमारा व्यवहार आत्मीय, विनम्र एवं सम्मानजनक होना चाहिए। हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालु बाबा के दर्शन एवं जलार्पण के साथ-साथ बासुकीनाथ से एक सुखद और सकारात्मक संदेश लेकर लौटें।
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश एवं राज्य सरकार के संकल्प के अनुरूप राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम जलार्पण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जिला प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि बाबा बासुकीनाथ के दरबार में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम एवं सुखद वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगभग 3000 पुलिस बल एवं लगभग 700 मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लगभग 150 चिकित्सकों की तैनाती, 20 एंबुलेंस की व्यवस्था तथा टोटो एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग 200 स्थायी शौचालयों की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त लगभग 20,000 वाहनों की पार्किंग क्षमता की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
उपायुक्त ने कहा कि शिवगंगा में वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट की व्यवस्था की गई है जो सिर्फ श्रावणी मेला ही नहीं पूरे वर्ष कार्यरत रहेगा। श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर जलापूर्ति केंद्र बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट सिटी की व्यवस्था की गई है, जिसकी क्षमता लगभग 5000 श्रद्धालुओं की है। टेंट सिटी में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एवं स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए डिस्पोजेबल बेडशीट की व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सहित आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की व्यवस्था की गई है।
पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खेरवार ने कहा कि राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया है। जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगमतापूर्वक जलार्पण के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में तैनात रहेगा।
राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही बाबा बासुकीनाथ की नगरी एक बार फिर आस्था के महासागर में डूब गई है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का खूब मनोरंजन किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया।

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