रांची: भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने आज रांची में हेमंत सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने 14वीं JPSC सिविल सेवा पीटी परीक्षा रद्द कर सीबीआई जांच की मांग की. इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर आयोग कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. आंदोलन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी के कई नेता भी मौजूद थे.
ब्लैक लिस्टेड एजेंसी से करवायी गई परीक्षा: विधायक
भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा कि जेपीएससी पहले से ही विवादों में रही है और राज्य के मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती रही है. एक बार फिर यह मामला सामने आया है. हालांकि आयोग के अध्यक्ष इस्तीफा दे चुके हैं और सीआईडी की जांच चल रही है. लेकिन सीआईडी राज्य सरकार की है. उसकी जांच सही से नहीं होगी. ऐसे में सरकार को चाहिए कि इस परीक्षा को रद्द करते हुए इसकी सीबीआई जांच कराए.
उन्होंने कहा कि जिस एजेंसी को जेएसएससी ने ब्लैक लिस्टेड किया था, वह एजेंसी कैसे जेपीएससी जैसे संस्थान द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाओं को लेना शुरू कर दिया, यह बहुत ही गंभीर मामला है. छात्र आक्रोशित हैं और उनके समर्थन में हम सभी लोग आए हुए हैं.
आयोग के गेट तक पहुंचे कार्यकर्ता
एक तरफ झारखंड लोक सेवा आयोग कार्यालय के गेट पर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं के द्वारा हंगामा किया गया, तो दूसरी ओर उन्हें शांत करने के लिए पुलिस मशक्कत करती रही. इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग तोड़ रहे भाजयुमो कार्यकर्ताओं के साथ नोंकझोंक के बाद भी उन्हें आयोग के मुख्य गेट तक आने दिया गया.
भाजपा नेता अशोक बराईक कहते हैं कि राज्य सरकार ने यहां के युवाओं के साथ अन्याय किया है और जिस तरह से परीक्षा आयोजित की गई और उसके परिणाम आए हैं, उससे छात्र हताश हैं. ऐसे में इस परीक्षा को रद्द कर इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच होनी चाहिए.
वहीं, भाजपा नेता केके गुप्ता कहते हैं कि सरकार जानबूझकर यहां के छात्रों के साथ भेदभाव कर रही है और सीटों को बेचने का काम कर रही है. इस पूरे मामले में सीआईडी जांच कर लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है. सीबीआई से जांच होने के बाद ही पूरा मामला सामने आएगा कि आखिर दोषी कौन हैं.
25 जुलाई से JPSC मुख्य परीक्षा आयोजित
बहरहाल, 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा पीटी परीक्षा का परिणाम पिछले दिनों जारी होते ही इसमें गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए छात्रों का आंदोलन शुरू हुआ और अब इस पर सियासत भी शुरू हो गई है. इन सब के बीच आयोग के द्वारा 25 जुलाई से पीटी परीक्षा में सफल हुए छात्रों का मुख्य परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया.
आयोग के इस रुख पर आक्रोश बढ़ता चला गया. सरकार के पास शिकायतों का अंबार लगा और इसकी जांच सीआईडी से शुरू हुई. इसके बाद कल मंगलवार को जेपीएससी के कुछ अधिकारी के साथ-साथ परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के भी कर्मियों को हिरासत में लिया गया है. इन सब के बीच जेपीएससी के अध्यक्ष एल खियांग्ते ने भी इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा पीटी परीक्षा रद्द होने के आसार दिखने लगे हैं.
