राज्यपाल रहे समारोह में शामिल
रांची: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के 20 राज्यों में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया. इसी क्रम में झारखंड के पिस्का और मुरी रेलवे स्टेशन का भी लोकार्पण किया गया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने पंजाब में नई रेल लाइनों, नई ट्रेनों तथा हरियाणा से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया.
पिस्का रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण पर लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत आई है, जबकि मुरी स्टेशन के पुनर्विकास कार्य को 12 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है. पहले इन दोनों स्टेशनों पर यात्रियों को केवल बुनियादी सुविधाएं ही मिल पाती थीं, लेकिन अब नए स्टेशन भवन में लिफ्ट, फुट-ओवर-ब्रिज, आधुनिक ट्रेन सूचना डिस्प्ले सिस्टम और बेहतर प्लेटफॉर्म कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसके अलावा दिव्यांगजनों की सुगम आवाजाही के लिए विशेष रूप से रैंप, टैक्टाइल पाथ और अलग शौचालयों का निर्माण भी किया गया है.
पिस्का स्टेशन परिसर में हुआ कार्यक्रम
रांची के पिस्का स्टेशन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, राज्य के मंत्री दीपक बिरुवा, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन, रांची रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक के.एन. सिंह तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रेया सिंह सहित रेलवे के कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
हाइड्रोजन ट्रेन आत्मनिर्भर और हरित भारत का प्रतीक- राज्यपाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और हरित भारत के संकल्प का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिले हैं. अमृत भारत स्टेशन योजना, वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार, रेल विद्युतीकरण और अब हाइड्रोजन ट्रेन जैसी पहलें देश के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती प्रदान कर रही हैं.
पिस्का-मुरी स्टेशन, विकास और विरासत का समन्वय
राज्यपाल ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पिस्का और मुरी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास झारखंड के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. यह योजना केवल स्टेशन भवनों का सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि यात्रियों को विश्वस्तरीय और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन अब केवल यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और विरासत की पहचान भी बनेंगे.
119 वर्ष पुराना खपड़ैल शेड संरक्षित
पिस्का रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की सबसे खास बात इसका 119 वर्ष पुराना खपड़ैल शेड है. वर्ष 1907 में बने इस स्टेशन के ऐतिहासिक खपड़ैल शेड को संरक्षित रखते हुए हेरिटेज स्वरूप में विकसित किया गया है. रेलवे ने इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखते हुए स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया है, जिससे विरासत और विकास का बेहतर समन्वय देखने को मिलता है.
सांसद महुआ माजी ने किया निजीकरण का विरोध
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि रेलवे का तेजी से विकास हो रहा है और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार स्वागतयोग्य है. हालांकि उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि एयरपोर्ट की तरह रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाए. उन्होंने कहा कि रेलवे आम लोगों की जीवनरेखा है और इसे सार्वजनिक व्यवस्था के रूप में मजबूत बनाए रखना जरूरी है. साथ ही यात्रियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं में जहां भी कमी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाना चाहिए.
हटिया विधायक ने जताया आभार
हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में भारतीय रेलवे ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है. उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय से चली आ रही रेलवे व्यवस्था में पिछले कुछ वर्षों में व्यापक परिवर्तन हुआ है. आधुनिक स्टेशन, नई रेल सेवाएं, यात्री सुविधाओं का विस्तार और अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है.
स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के रेलवे स्टेशनों को स्थानीय कला, संस्कृति और विरासत के अनुरूप विकसित किया जा रहा है. झारखंड के पिस्का और मुरी स्टेशन का पुनर्विकास भी इसी सोच का हिस्सा है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी.
