नई EPF योजना में “Excluded Employee” की परिभाषा में ऐसे बदलाव किए गए हैं जिनका सीधा प्रभाव नियोक्ताओं की लागत और कर्मचारियों की पात्रता पर पड़ेगा।
मुख्य बदलाव
Certified Standing Orders या Model Standing Orders के अंतर्गत नियुक्त प्रशिक्षुओं (Trainees) को अब Excluded Employee नहीं माना जाएगा।
पहले ऐसे प्रशिक्षुओं पर PF लागू नहीं होता था, लेकिन अब सामान्य परिस्थितियों में वे EPF के दायरे में आएंगे।
इसका मतलब है कि नियोक्ताओं को अब इन प्रशिक्षुओं के लिए भी PF योगदान देना पड़ सकता है।
पहले जो कर्मचारी 55 वर्ष की आयु के बाद अपना पूरा PF निकाल चुके थे, उन्हें दोबारा नौकरी मिलने पर Excluded Employee माना जाता था। नई योजना में यह प्रावधान हटा दिया गया है, जिससे उनकी भविष्य की PF पात्रता को लेकर कुछ अस्पष्टता बनी हुई है।
4. PF सदस्यता विवादों के लिए 5 वर्ष की समय-सीमा
नई योजना का एक सकारात्मक बदलाव यह है कि अब PF सदस्यता से जुड़े विवादों को सामान्यतः 5 वर्षों के भीतर शुरू करना होगा।
पहले क्या था?
पहले ऐसी किसी भी कार्यवाही के लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं थी।
कई मामले वर्षों तक चलते रहते थे।
अब क्या होगा?
5 वर्ष की सीमा होने से कानूनी विवाद जल्दी समाप्त होंगे।
कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को अधिक निश्चितता मिलेगी।
हालांकि, पुराने लंबित मामलों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा।
5. Voluntary Provident Fund (VPF) को कानूनी मान्यता
नई योजना में पहली बार Voluntary Provident Fund (VPF) को स्पष्ट रूप से मान्यता दी गई है।
अब—
कर्मचारी वेतन सीमा से अधिक राशि पर भी स्वेच्छा से PF में योगदान कर सकते हैं।
यदि नियोक्ता चाहे तो वह भी कर्मचारी के अतिरिक्त योगदान के बराबर योगदान दे सकता है।
इससे उन कर्मचारियों को लाभ मिलेगा जो अपनी सेवानिवृत्ति के लिए अधिक बचत करना चाहते हैं।
6. अतिरिक्त VPF को कभी भी कम या बंद किया जा सकता है
नई योजना के अनुसार—
कर्मचारी अपनी अतिरिक्त PF कटौती को कभी भी कम या बंद कर सकता है।
नियोक्ता भी अतिरिक्त योगदान देना बंद कर सकता है।
इसका अर्थ है कि वैधानिक PF योगदान के अतिरिक्त कोई भी योगदान पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा।
7. ठेका कर्मचारियों (Contract Labour) के संबंध में मुख्य नियोक्ता की जिम्मेदारी
नई योजना में Principal Employer की जिम्मेदारी को अधिक स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है।
मुख्य बातें
यदि ठेकेदार स्वयं EPF के अंतर्गत पंजीकृत नहीं है, तो मुख्य नियोक्ता जिम्मेदार होगा।
यदि ठेकेदार पहले से PF के अंतर्गत आता है, तो मुख्य नियोक्ता को कुछ राहत मिल सकती है।
हालांकि कुछ नियम अभी भी स्पष्ट नहीं हैं और EPFO से आगे स्पष्टीकरण की आवश्यकता हो सकती है।
8. नियोक्ताओं की Compliance (अनुपालन) जिम्मेदारियाँ काफी बढ़ीं
नई योजना में नियोक्ताओं पर पहले की तुलना में कई नई जिम्मेदारियाँ डाली गई हैं।
अब नियोक्ताओं को—
योजना लागू होने के 15 दिनों के भीतर Form V जमा करना होगा।
Ownership Return (Form VI) दाखिल करना होगा।
स्वामित्व में होने वाले हर बदलाव की जानकारी देनी होगी।
संस्थान तथा वेबसाइट पर स्वामित्व का विवरण प्रदर्शित करना होगा।
संशोधित Electronic Challan-cum-Return (ECR) दाखिल करनी होगी।
कर्मचारियों को UAN, e-Passbook और ऑनलाइन सेवाओं में सहायता देनी होगी।
प्रत्येक महीने कर्मचारियों की Date of Exit अपडेट करनी होगी।
निर्धारित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाए रखने होंगे।
यदि कोई International Worker नहीं है तो Nil Return भरनी होगी।
शाखाओं और नियंत्रण अधिकारियों का विवरण देना होगा।
Authorised Signatory का विवरण जमा करना होगा।
सभी ठेकेदारों की जानकारी देनी होगी।
ठेकेदारों से संबंधित मासिक रिटर्न दाखिल करनी होगी।
इन सभी बदलावों से डिजिटल प्रशासन मजबूत होगा लेकिन HR और Payroll विभाग का कार्यभार भी बढ़ेगा।
9. कर्मचारियों की नई जिम्मेदारियाँ
अब कर्मचारियों को निम्नलिखित विवरण देना अनिवार्य होगा—
आधार संख्या
आधार से जुड़ा बैंक खाता
PAN
UAN
परिवार के सदस्यों का विवरण
नामांकन (Nomination) के लिए परिवार के आधार विवरण
इसका उद्देश्य पूरी EPF प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है।
10. ₹500 प्रतिदिन लेट फीस
यदि प्रशासनिक शुल्क से संबंधित ECR समय पर जमा नहीं की जाती है तो ₹500 प्रतिदिन का लेट फीस लगाया जा सकता है।
हालांकि अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि यह शुल्क पहले से लागू ब्याज और पेनल्टी के अतिरिक्त होगा या उनके स्थान पर।
11. Form 11 और कागज़ी Nomination समाप्त
नई योजना के अंतर्गत—
Form 11 समाप्त कर दिया गया है।
कागज़ी Nomination भी समाप्त कर दी गई है।
अब सभी घोषणाएँ और Nomination केवल EPFO Portal पर ऑनलाइन किए जाएंगे।
हालांकि जब तक EPFO विस्तृत दिशा-निर्देश जारी नहीं करता, तब तक संस्थान अपने आंतरिक रिकॉर्ड के लिए आवश्यक घोषणाएँ लेते रह सकते हैं।
12. Partial Withdrawal (आंशिक PF निकासी) के नियम सख्त
नई योजना में PF Advance निकालना पहले की तुलना में कठिन हो गया है।
नए नियम
निकासी केवल Eligible Member Balance से होगी।
कुल PF का 25% हमेशा खाते में रखना अनिवार्य होगा।
सामान्यतः कम से कम 12 महीने की सदस्यता पूरी होने के बाद ही Advance मिलेगा।
निकासी की संख्या भी सीमित होगी।
इसका प्रभाव
पहले कर्मचारी मेडिकल, शिक्षा, मकान या अन्य आवश्यकताओं के लिए PF का बड़ा हिस्सा निकाल सकते थे।
अब—
PF का बड़ा हिस्सा खाते में ही रहेगा।
कर्मचारियों को आवश्यकता के समय कम राशि उपलब्ध होगी।
इससे सेवानिवृत्ति के लिए बचत सुरक्षित रहेगी, लेकिन तत्काल आर्थिक जरूरतों में कठिनाई हो सकती है।
