झारखंड के लिए बड़ी सौगात मिली है। जल्द ही दो रूट पर स्लीपर वंदे भारत चलाने का प्लान है। शालीमार से मुंबई तक स्लीपर वंदे भारत ट्रेन टाटानगर और चक्रधरपुर स्टेशन होते हुए चलेगी। इस प्रस्ताव से टाटानगर को पांचवीं वंदे भारत ट्रेन मिलने की संभावना बढ़ गई है। इसके साथ ही
टाटा से वाराणसी तक दूसरी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन चलानेका भी प्लान है। दक्षिण पूर्व रेलवे जोन ने 11 जून को गार्डनरीच से रेलवे बोर्ड को इस नई ट्रेन का प्रस्ताव भेज दिया है। स्लीपर वंदे भारत ट्रेन चलने से झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के यात्रियों को तेज और आधुनिक यात्रा सुविधा मिलेगी। वर्तमान में टाटानगर से पटना और बरहमपुर वंदे भारत ट्रेन चल रही है, जबकि रांची-हावड़ा और राउरकेला-हावड़ा वंदे भारत सप्ताह में छह दिन गुजरती है।
रेलवे बोर्ड से मंजूरी का इंतजार
रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलते ही टाटानगर, चक्रधरपुर और राउरकेला होते हुए यह ट्रेन मुंबई से अप-डाउन करेगी। इससे टाटानगर के यात्रियों को मुंबई जाने के लिए तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा का अवसर मिलेगा।
टाटा से बनारस के बीच ट्रेन चलाने की योजना
टाटानगर से बनारस के लिए भी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस की योजना 2024 में बनी थी। इससे झारखंड, बिहार व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के यात्रियों को भी नई सुविधा मिलती, लेकिन टाटानगर में वाशिंग लाइन की कमी के कारण अभी कोई आदेश नहीं हुआ। सांसद विद्युतवरण महतो ने भी टाटा-बनारस स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस को आवश्यक बताया था। इससे दक्षिण पूर्व रेलवे जोन वंदे भारत ट्रेनों के लिए 283 करोड़ से नई कोचिंग डिपो बनाने की तैयारी में है,
अन्य तरह की जांच होती है। कोचिंग डिपो बनने और स्टेशन पुनर्विकास के बाद टाटानगर से कई मार्ग में वंदे भारत चलने की उम्मीद है।
वंदे भारत ट्रेनें बन रहीं यात्रियों की पहली पसंद
वंदे भारत यात्रियों की पहली पसंद बन गई है। टाटानगर में पटना और बरहमपुर वंदे भारत के लिए अगस्त 2024 में वाशिंग लाइन नंबर एक अपग्रेड हुआ, जबकि, 2023 के सितंबर से रांची-हावड़ा और सितंबर 2024 से हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत भी टाटानगर होकर सप्ताह में छह दिन चलती है। ट्रेन की अत्याधुनिक सुविधाएं, तेज स्पीड, सफाई और सुरक्षा सिस्टम आकर्षित करने से ही लोग ज्यादा किराया देकर यात्रा करते हैं।
