टाटा स्टील उत्पादन से लेकर बिक्री तक कर रही आधुनिक एआई मॉडल विकसित: चेयरमैन

कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

टाटा स्टील का मुनाफा 243% बढ़कर ₹10,886 करोड़, प्रति शेयर ₹4 लाभांश का ऐलान

जमशेदपुर। टाटा स्टील की 119वीं वार्षिक आम सभा (एजीएम) गुरुवार को आयोजित हुई। कंपनी के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने अपने संबोधन में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के लिए मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और रणनीतिक विस्तार का वर्ष रहा। उन्होंने बताया कि कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (PAT) 243 प्रतिशत बढ़कर ₹10,886 करोड़ पहुंच गया, जबकि समेकित राजस्व 6 प्रतिशत बढ़कर ₹2,32,140 करोड़ हो गया। कंपनी ने रिकॉर्ड 23.4 मिलियन टन कच्चे इस्पात का उत्पादन और भारत में 22.5 मिलियन टन इस्पात की बिक्री की।
चेयरमैन ने बताया कि कंपनी का समेकित EBITDA 35 प्रतिशत बढ़कर ₹34,848 करोड़ हो गया है। वहीं, कंपनी का शुद्ध कर्ज घटकर ₹80,144 करोड़ रह गया, जिससे बैलेंस शीट और मजबूत हुई है। निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹4 प्रति इक्विटी शेयर लाभांश की सिफारिश की है।
उन्होंने कहा कि भारत में कंपनी ने कलिंगनगर स्टील प्लांट के दूसरे चरण के विस्तार को पूरा कर कुल उत्पादन क्षमता 26.1 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTPA) कर ली है। इस विस्तार के साथ कंपनी ने ऑटोमोबाइल, रक्षा और उच्च मूल्य वाले फ्लैट स्टील उत्पादों के क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत की है। कंपनी का लक्ष्य भविष्य में 40 एमटीपीए उत्पादन क्षमता हासिल करना है।
कंपनी ने डाउनस्ट्रीम कारोबार के विस्तार के तहत ट्यूब्स, टिनप्लेट और वायर्स व्यवसाय में भी निवेश बढ़ाया है। साथ ही थ्रिवेणी पेलेट्स में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करने और टाटा स्टील कलर्स में स्वामित्व बढ़ाने जैसे रणनीतिक कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा, हाल ही में लुधियाना में 0.75 एमटीपीए इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस शुरू किया गया है तथा नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड के टाटा स्टील में विलय को भी मंजूरी दी गई है।
यूरोप में कंपनी के परिचालन पर चर्चा करते हुए चेयरमैन ने कहा कि ब्रिटेन के पोर्ट टैलबोट स्टीलवर्क्स में 1.25 अरब पाउंड की लागत वाली इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। वहीं, नीदरलैंड में कड़े पर्यावरणीय मानकों के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं, जिनके समाधान के लिए कंपनी डच सरकार के साथ लगातार बातचीत कर रही है।
डिजिटल परिवर्तन पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि कंपनी ने उत्पादन से लेकर विपणन तक 860 से अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल लागू किए हैं। कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म आशियाना और डिजेका (DigECA) का संयुक्त कारोबार बढ़कर ₹9,360 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 161 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है और सभी संयंत्रों में ‘जीरो हार्म’ लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है। सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹473 करोड़ खर्च कर देशभर में 69 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।
अपने संबोधन के अंत में श्री चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा स्टील एक बड़े, हरित, तकनीक-संचालित और अधिक सक्षम भविष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है तथा कंपनी आने वाले वर्षों में भी विकास की इसी गति को बनाए रखेगी।

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