झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक का निधन हो गया है। उन्होंने मंगलवार की सुबह रांची के पल्प अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 83 साल के थे और काफी दिनों से बीमार थे। उनके निधन से न सिर्फ धनबाद बल्कि झारखंड़ गई दाैड़ गई।
अर्जुन मुंडा ने जताया शोक
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मन्नान मलिक के निधन पर शोक जताया है.
हाल ही धनबाद के चर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में 15 वर्ष तक चली लंबी सुनवाई के बाद आखिरकार शुक्रवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। धनबाद एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने मामले के पूर्व मंत्री मन्नान मलिल्क समेत सभी 30 नामजद आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
धनबाद से विधायक बने, हेमंत सरकार में मंत्री रहे
मन्नान मल्लिक पहली बार 2009 में कांग्रेस के टिकट पर धनबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। वे हेमंत सोरेन सरकार में कांग्रेस कोटे से मंत्री बने थे। कांग्रेस के साथ ही कोयलांचल में मजदूर राजनीति में भी मल्लिक का बड़ा नाम था।
वे राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ (आरसीएमएस) एवं राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष थे। श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले प्रमुख नेताओं में उनकी पहचान थी और धनबाद की राजनीति में उनका विशेष प्रभाव रहा।
मन्नान मल्लिक ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत तत्कालीन बिहार के मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर अब्दुल ( 2 जुलाई 1973 से 11 अप्रैल 1975 तक बिहार के मुख्यमंत्री) के निजी सचिव के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
