‘सप्तमी पूजा, सात कवि और सात रंग’ के तहत भव्य कवि सम्मेलन; अजय मुस्कान की पुस्तक ‘सपना जो स्टेयरिंग पर सवार हुआ’ का लोकार्पण

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मंगलम सिटी में महासप्तमी पर सजा काव्य मंच, सात कवियों ने बांधा समां

आदित्यपुर, जमशेदपुर। शारदीय नवरात्र की महासप्तमी के पावन अवसर पर मंगलम सिटी, आदित्यपुर में मंगलम दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। ‘सप्तमी पूजा, सात कवि और सात रंग’ की संकल्पना पर आधारित इस साहित्यिक संध्या में सैकड़ों साहित्यप्रेमियों और मंगलमवासियों ने काव्य की विविध विधाओं का आनंद लिया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण चर्चित लेखक एवं कवि अजय मुस्कान की पुस्तक ‘सपना जो स्टेयरिंग पर सवार हुआ’ का लोकार्पण रहा।

कार्यक्रम में आमंत्रित कवियों का माँ की चुनरी ओढ़ाकर एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। कवि सम्मेलन में मनीष बंदन, अजय मुस्कान, रजनी सिंह, सर्वानन्द सिंह ‘पथिक’, सुदीप्ता राउत, उपासना सिन्हा और श्यामल सुमन ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। भक्ति, हास्य, ओज और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कविताओं ने देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा। नवोदित कवि शशांक रश्मि ने भी अपनी रचना प्रस्तुत कर सराहना प्राप्त की।

कार्यक्रम का मंच संचालन आलोक कुमार ‘बंटी’ ने किया, जबकि कवि सम्मेलन का संयोजन एवं काव्य-पाठ का संचालन वरिष्ठ कवि रजनीश सिंह ने किया।

कवि अजय मुस्कान की इन पंक्तियों को श्रोताओं ने विशेष रूप से सराहा—

जहाँ जैसा मिले, ख़ुद को वहाँ वैसा बनाता हूँ,
तुम आओ तो बताऊँ ये कि मैं क्या-क्या बनाता हूँ!

परख कर देख लो मुझको, मेरे हाथों में पारस है,
अगर मिट्टी भी छू दूँ तो उसे सोना बनाता हूँ!

पुस्तक लोकार्पण रहा समारोह का प्रमुख आकर्षण

समारोह के दौरान अजय मुस्कान की पुस्तक ‘सपना जो स्टेयरिंग पर सवार हुआ’ का उनके पूज्य पिता श्री जटा शंकर मिश्र, माता श्रीमती भगवती मिश्र तथा सहयात्री एवं धर्मपत्नी श्रीमती प्रीति मिश्रा ने संयुक्त रूप से लोकार्पण किया। इस आत्मीय अवसर पर उपस्थित लोगों ने लेखक को शुभकामनाएँ दीं।

बीएफसी पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक लेखक के अखिल भारतीय रोड ट्रिप के अनुभवों पर आधारित एक संवेदनशील यात्रा-वृत्तांत है। इसमें भारत के विभिन्न क्षेत्रों की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विविधताओं के साथ यात्रा के दौरान हुए अनुभवों, मानवीय संबंधों और आत्मचिंतन को शब्दबद्ध किया गया है। यह कृति केवल यात्रा के अनुभवों का विवरण नहीं, बल्कि देश को करीब से देखने, समझने और स्वयं को जानने की एक साहित्यिक यात्रा भी प्रस्तुत करती है।

पुस्तक वर्तमान में बीएफसी स्टोर, अमेज़न, फ्लिपकार्ट और किंडल पर उपलब्ध है।

मंगलम परिवार की रही सक्रिय सहभागिता

इस अवसर पर मंगलम पूजा समिति के अध्यक्ष रजनीश सिंह, महासचिव मिथिलेश सिंह, कोषाध्यक्ष कृष्णानंद मिश्रा, पंकज अक्षय, पंडित शिव कुमार शर्मा सहित समिति के सदस्य एवं मंगलम परिवार के अनेक लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर आलोक कुमार ‘बंटी’ ने दुर्गा पूजा समिति, उपस्थित अतिथियों, कवियों, साहित्यप्रेमियों और समस्त मंगलमवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था और साहित्यिक-सांस्कृतिक पहल के लिए समिति की सराहना की गई।

इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ साहित्य और संस्कृति के सुंदर समन्वय का संदेश दिया तथा मंगलम सिटी में सामुदायिक एकजुटता और साहित्यिक चेतना को एक नया आयाम प्रदान किया।

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