शहरवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर
जमशेदपुर : मानगो नगर निगम क्षेत्र में पिछले 10-12 दिनों से सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. मानगो के मुख्य सडक़ हो या गली मोहल्ले में कचरा उठाव का संकट बन गया है जिससे सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई. वहीं कड़ी धूप के कारण जमा कचरे से बदबू आ रही. सफाई व्यवस्था की इस अव्यवस्था ने मानगो नगर निगम की पोल खोलकर रखी दी है. इस स्थिति में जनप्रतिनिधि हो या मेयर हो नगर निगम के अधिकारी किसी का ध्यान नहीं जा रहा.
मानगो नगर निगम की नवनिर्वाचित मेयर सुधा गुप्ता के नेतृत्व में 16 अप्रैल को एनएच 33 स्थित एक होटल में बोर्ड की पहली बैठक हुई थी जिसमें डिप्टी मेयर राहुल कश्यप, सभी नवनिर्वाचित वार्ड पार्षद, नगरायुक्त कृष्ण कुमार समेत अन्य पदाधिकारी भी शामिल हुए थे. बैठक में मानगो नगर निगम में सफाई की अव्यवस्था, नाले व नाले में फैली गंदगी को लेकर कई सवाल उठे थे जिसके बाद आनन-फानन में कचरा उठाव वाली क्यूब कंपनी को टर्मिनेट कर दिया गया था, उनके दो वर्षों के भुगतान पर रोक लगा दी गई थी साथ ही एफआईआर का निर्देश दिया गया था. अब अचानक से पहली बोर्ड की बैठक में ऐसा निर्णय लेने की की मंशा चाहे जो रही है लेकिन इससे आने वाले दिनों में मानगो क्षेत्र की सफाई व्यवस्था सुधरेगी क्या और बिगड़ेगी कहना संभव नहीं है लेकिन फिलहाल स्थिति यह है कि मानगो के लोग नारकीय जीवन जी रहे. लोगों के घरों के आगे कचरे जाम हो रहे जिससे उनके परिवार के बीच गंभीर बीमारी का भी खतरा मंडराने लगा है. मानगो नगर निगम के कुछ कर्मचारियों के भरोसे चल रही सफाई व्यवस्था की जगह-जगह फैली गंदगी ने पोल खोल कर रख दी है. जगह-जगह कचरे का अंबार से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. मानगो के ओल्ड पुरुलिया रोड, गरीब कॉलोनी, आजादनगर, बागानशाही, डिमना रोड स्थित कई कालोनी में जगह-जगह गंदगी फैली है. यहां तक मुख्य सडक़ के किनारे जगह-जगह गंदगी फैली हुई है. इन दिनों मानगो की स्थिति यह है कि बाजार व दुकानों का कचरा एक ही स्थान पर फेंका जा रहा है. डिमना रोड व पायल टॉकीज रोड के कई मोहल्ले में रहने वाले लोगों का कहना है कि उनके मोहल्ले में पिछले 10-12 दिनों से एक भी कचरा उठाव गाड़ी नहीं आयी है जिससे मोहल्ले में गंदगी फैल रही. यदि कहीं बारिश हो जाती है तो सडक़ों के कचरे नाले व नालियों में भर जाएगा. ऐसे नाले व नालियों की स्थिति भी खराब है. नाले व नालियों के कई जगहों पर खुले होने के कारण बदबू आ रही है. स्थानीय लोगों को दुर्गंध, गंदगी व बीमारी का खतरा झेलना पड़ रहा है.
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कुछ कॉलोनियां ‘डंपिंग जोन’ में बदल चुकी
मानगो नगर निगम क्षेत्र में डोर-टू-डोर कचरा का नियमित उठाव नहीं होने, नियमित सफाई नहीं होने से नालियां व सडक़ें गंदगी से भरी हैं. इससे साफ संकेत मिलता है कि नगर निगम का मैनेजमेंट सिस्टम कमजोर पड़ा है. बोर्ड की बैठक में सिर्फ कागजों तक आदेश दिया गया कि नाले व नालियों की सफाई हो, बरसात से पहले नाले की सफाई हो. यहां तो यह स्थिति है कि सडक़ व मोहल्ले में कचरा उठाव करने वाले नजर नहीं आते ऐसे में नाले व नालियों की सफाई कौन करेगा.
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जनहित में ‘बड़े फैसले’ या मात्र एक ‘पॉलिटिकल स्टंट’: जेबा खान
मानगो नगर निगम की पहली बोर्ड बैठक में लिए गए कई निर्णय पर कड़ा प्रहार करते हुए पूर्व मेयर प्रत्याशी जेबा खान ने कहा है कि वाहवाही लूटने व ‘कठोर प्रशासन’ की फर्जी छवि बनाने के चक्कर में मेयर और निगम ने मानगो की जनता को कचरे के ढेर पर छोड़ दिया है. पहली ही बैठक में जिस तरह बिना किसी वैकल्पिक योजना के टेंडर रद्द किया गया, वह स्पष्ट रूप से केवल राजनीतिक दिखावे के लिए लिया गया एक अदूरदर्शी फैसला साबित हो रहा है.
उन्होंने कहा कि हम भी चाहते थे कि लापरवाह कंपनियों पर कार्रवाई हो, लेकिन प्रशासन को यह समझना चाहिए था कि शहर केवल ‘सख्त आदेश’ जारी करने से नहीं, बल्कि ‘सटीक योजना’ से साफ होता है। पहली बैठक में अपनी धाक जमाने के लिए अधिकारियों को हटाना और टेंडर रद्द करना तो आसान था, लेकिन उस फैसले के बाद पैदा होने वाले संकट का आंकलन करने में मेयर और नगर निगम के पदाधिकारी पूरी तरह विफल रहे. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि पहली बैठक का मकसद शहर की सफाई नहीं, बल्कि यह दिखाना था कि बड़े व कड़े फैसले लिए जा रहे हैं, लेकिन इन फैसलों ने मानगो आजाद बस्ती को कूड़े के ढेर में तब्दील कर दिया है. उन्होंने सवाल किया है किक्या प्रशासन को यह नहीं पता था कि बिना नई एजेंसी और बिना डंपिंग यार्ड के कचरा उठाना नामुमकिन होगा. बिना तैयारी के की गई इस तथाकथित कार्रवाई ने मानगो के घरों में कचरा सडऩे पर मजबूर कर दिया है. आज गलियों में कचरा पसरा है, बीमारियां फैलने का खतरा है. उन्होंने कहा कि मानगो की जनता को ‘सख्त छवि’ की राजनीति नहीं, बल्कि एक साफ-सुथरा शहर चाहिए. प्रशासन को जल्द से जल्द स्पष्ट करना चाहिए कि मानगो की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए उनके पास क्या ठोस रोडमैप है.
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मेयर तो अभी नई हैं सांसद व विधायक क्यों नहीं रख रहे ख्याल: विकास
मानगो के समाजसेवी व लोगों के बीच रहने वाले विकास सिंह ने कहा कि मानगो की व्यवस्था के लिए अब चार लोग काम कर है जिसमें सांसद, विधायक, नगरायुक्त व मेयर है. उन्होंने कहा कि सांसद जब चुनाव आता है तो दो महीने पहले मानगो में मोदी-मोदी कर घूमते हैं और चुनाव जीतने के बाद लोगों को भूल जाते. नगरायुक्त कृष्ण कुमार की कहें तो ब्यूरोक्रेट्स में अधिकारी का इतना अभाव हो गया है कि कृष्ण कुमार जेएनएसी के नगरायुक्त के अलावा मानगो नगर निगम के नगरायुक्त बने हुए हैं. उन्हेंं पूरे दिन-रात लाइजिंग करने से समय नहीं मिल रहा कि वे मानगो की जनता को देख सकें, मानगो की समस्याओं को देख सके. जहांं तक मेयर सुधा गुप्ता का है उनका अभी 100 दिन भी नहीं हुआ है इसलिए उनके बारे में कहा नहीं जा सकता.
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मोहल्ले में जा रही कचरा उठाव गाड़ी: सहायक नगराुयक्त
मानगो नगर निगम के सहायक नगरायुक्त चंदन कुमार ने कहा कि सफाई कर्मचारी सफाई कार्य में लगे रहे हैं. फिलहाल 25 कचरा उठाव गाड़ी मोहल्ले में डोर-टू-डोर कचरा उठाने जा रही है. जल्द ही इसमें 36 गाडियों को लगाया जाएगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कचरा उठाव गाड़़ी में ही अपना कचरा डालें. उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में जल्द ही बेहतर सुधार दिखेगी.
