जमशेदपुर, 31 मार्च (रिपोर्टर) : नारायणी सेवा ट्रस्ट द्धारा आयोजित तीन दिवसीय भक्तों को भगवान से सीघे जोडऩेवाली ‘नानी बाई रो मायरो’ धार्मिक कथा के प्रथम दिन आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी ने व्यास पीठ से भक्त नरसी मेहता का जीवन परिचय, उनके द्वारा शिव जी की आराधना से महारास के दर्शन पाने और श्री कृष्ण की भक्ति से ओत-प्रोत भजनों के माध्यम से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया. उन्होंने नरसी जी की अटूट आस्था और प्रभु के प्रति समर्पण को उजागर किया. कथा के आरंभ में जया किशोरी ने विवाह के बाद एक लडक़ी का जीवन किस तरह से बदल जाता है, इस संबंध में बताया और कथा की शुरुआत की. कहा कि नरसी जी की सादगी, प्रेममयी जीवन शैली और भगवान के नाम का सुमिरन ही इस दिव्य कथा का मुख्य सार है.
साध्वी ने बताया कि नरसी जी बचपन से ही मूक-बधिर थे, लेकिन श्री कृष्ण की कृपा से वे बोलने लगे. उन्होंने नरसी मेहता और उनकी पुत्री नानी बाई के माध्यम से भगवान कृष्ण की निस्वार्थ भक्ति, प्रेम और अटूट आस्था की गाथा का वर्णन करते हुए कहा कि भक्तों के जीवन में कितनी भी कठिनाई आये एक सच्चा भक्त भगवान को प्राप्त किये बिना नहीं रहता. नरसी मेहता ने गरीबी के बावजूद भगवान पर अटूट विश्वास रखा, जिसके बाद कृष्ण ने स्वयं नरसी का रूप धारण कर नानी बाई के ससुराल वालों की अपेक्षा से चार गुना अधिक मायरा भरा. यह कथा केवल एक पौराणिक प्रसंग नहीं, बल्कि विश्वास की वह शक्ति है जो नानी बाई के जीवन में चमत्कार लेकर आई.
कथा के पूर्व की गणेश वंदना व कलश स्थापना
कथा आरंभ के पहले पारंपरिक रूप से गणेश वंदना, कलश स्थापना, नवग्रह, व्यास पीठ और ठाकुर जी (श्री कृष्ण) की विधिवत पूजा-अर्चना यजमानों ने की. कोलकाता से आये आचार्य अभिषेक तिवारी ने पूजा करायी. व्यास पीठ पर जया किशोरी के विराजमान होने के बाद पारंपरिक रूप से उनका स्वागत सत्कार किया गया. कथा का आयोजन साकची बोधि मंदिर मैदान में हो रहा है, जो 2 अप्रैल तक चलेगा.
श्रीकृष्ण-नरसी मिलन कथा का वाचन आज
आयोजकों ने बताया कि कल, दूसरे दिन जया किशोरी अपनी सुमधुर वाणी से कुमकुम पत्रिका का पहुंचना, नरसी मेहता का अंजार नगर प्रस्थान और श्रीकृष्ण नरसी मेहता मिलन की कथा का वाचन करेंगी. आयोजन को सफल बनाने में ट्रस्ट अध्यक्ष राजकुमार चंदूका, राजकुमार संघी, कैलाश सरायवाला, विजय मित्तल, अनिल नरेडी, ललित सरायवाला, नवीन पोद्दार, किशन सोंथालिया, अभिषेक भालोटिया, रोहित अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, राम रतन कांवटिया, समीर दिवान, अजय खेमका, अजय अग्रवाल, नेहा सोंथालिया, मेघा चौधरी, कृतिका गुप्ता, रिंकी भालोटिया, विजय लक्ष्मी भालोटिया, स्नेहा अग्रवाल आदि का योगदान रहा.
