बहरागोड़ा,द्वितीय विश्व युद्ध के समय के बम को भारतीय सेना ने किया डिफ्यूज

 

बहरागोड़ा ,22 अप्रैल – पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड की पानीपड़ा में मिले बम को भारतीय सेना ने आज बुधवार की सुबह 11 बजे इस डिफ्यूज कर दिया। यह बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय का बताया जा रहा है। यूएसए एएनएम 64 मार्का वाले अमेरिका निर्मित बमों को सेना के विशेषज्ञों ने 20 फीट का गहरा गड्ढा खोदकर डायनामाइट के जरिए ब्लास्ट कर डिफ्यूज किया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि धमाके की गूंज दूर तक सुनायी दी। विस्फोट होते ही लगभग 100 मीटर उंचा धुंए का गुब्बार उठा।

भारतीय सेना के कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व और लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह के दिशा-निर्देश पर ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. सुरक्षा के मद्देनजर विस्फोट स्थल से 1 किलोमीटर की दूरी में घेराबंदी की गयी थी। बंगाल-झारखंड सीमा पर लोगों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया था। कलाइकुंडा एयरबेस को सूचित करने के बाद, सेना ने लगभग एक किमी की सुरक्षित दूरी से डेटोनेटर के माध्यम से 227 किलोग्राम वजनी बम को विस्फोट किया। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए बम
को गड्ढे में रखकर बालू की बोरियों से ढका गया था। नदी की रेत के साथ आग व धुएं का गुब्बार करीब 100 मीटर की ऊंचाई तक आसमान में उठा.

15 अप्रैल को नदी के भीतर से बम मिला था, बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने एसएसपी को सूचित किया। उनके पहल पर सेना को सूचित किया गया था। पिछले चार दिनों से सेना की टीम इस ऑपरेशन की तैयारी में जुटी थी. जानकारों का कहना है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ये बम गिराये गये होंगे, जो दशकों से नदी की रेत में दबे हुए थे।

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