42 विभिन्न विद्यालयों के 75 शिक्षक – शिक्षिकायें भी सम्मानित
जमशेदपुर। सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन / तुलसी भवन द्वारा संस्थान के मानस सभागार में राष्ट्रभाषा हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में एक दिवसीय हिन्दी शिक्षक कार्यशाला आयोजित की गई । इसमें ‘हिंदी साहित्य की विशेषताएँ’ तथा
‘हिन्दी शिक्षण को रुचिपूर्ण बनाना’ विषय पर सत्र विशेषज्ञ डॉ मुदिता चंद्रा, पूर्व प्राचार्य अब्दुल बारी मेमोरियल कॉलेज
एवं डॉ प्रियंका सिंह, हिन्दी प्राध्यापक , को ऑपरेटिव कॉलेज, जमशेदपुर ने सरल तरीके से समझाते हुए अपना संबोधन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दोनों सत्रों में समन्वयक की भूमिका में साहित्य समिति के सुरेश चन्द्र झा एवं डॉ रागिनी भूषण रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र मुनका ने की.संचालन साहित्य समिति की पूनम महानंद ने किया । मंच पर उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि अरका जैन विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ अंगद तिवारी तथा समापन सत्र में मुख्य अतिथि सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह तथा विशिष्ट अतिथित्रय दैनिक ‘चमकता आईना’ के सम्पादक जय प्रकाश राय, डॉ जंग बहादुर पाण्डेय एवं डॉ चन्देश्वर खां उपस्थित रहे ।
इस अवसर पर संस्थान की ओर से प्रति वर्ष दी जाने वाली ‘श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान’ इस वर्ष शिक्षा निकेतन हाई स्कूल, टेल्को के सेवानिवृत्त प्रभारी प्राचार्य सह हिन्दी शिक्षक एवं शहर के वरिष्ठ साहित्यकार अनिरुद्ध त्रिपाठी ‘अशेष’ को दिया गया । इसके अन्तर्गत पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, श्रीफल, स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र तथा ग्यारह हजार रुपये का चेक प्रदान किया ज्ञ। सम्मान प्राप्त करने के पश्चात श्री अशेष ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तुलसी भवन कार्यकारिणी ने जो मुझे इस सम्मान के लिए चयन किया है, मैं सह्रदयता से उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूँ।
कार्यक्रम का आरंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन के बाद उपासना सिन्हा के सस्वर सरस्वती वंदना से हुई । स्वागत वक्तव्य संस्थान मानद महासचिव डॉ प्रसेनजित तिवारी तथा धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष रामनन्दन प्रसाद ने दिया । कार्यक्रम के अंत में 42 विभिन्न विद्यालयों से पधारे 75 शिक्षक – शिक्षिकाओं को पुष्पगुच्छ , अंगवस्त्र , उपहार एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया ।
मौके पर मुरलीधर केडिया, चन्देश्वर खां, डॉ रागिनी भूषण, डॉ यमुना तिवारी ‘व्यथित’, डॉ अजय कुमार ओझा, अरुणा भूषण शास्त्री, प्रसन्न वदन मेहता, वसंत जमशेदपुरी, डॉ अनिता निधि, माधुरी मिश्रा , उपासना सिन्हा, दिव्येन्दु त्रिपाठी, सुरेश चंद्र झा, राजेंद्र साह राज, कैलाश नाथ शर्मा गाजीपुरी, डॉ उदय प्रताप हयात, बलविंदर सिंह, अशोक पाठक स्नेही, डॉ अरुण सज्जन, वीणा कुमारी नंदिनी, डॉ एन. के. सिंह, हरभजन सिंह रहबर, चन्द्रकान्त सहित दर्जनों साहित्यकारों की उपस्थिति रही ।
