- इंदौर में बेटी के जन्म पर अनोखा जश्न
- परिवार ने शहर में निकाला काफिला
- लग्जरी कारों के पीछे लगे थे पोस्टर
- पोस्टर में लिखा- बेटी हुई है
काफिला देख हर कोई हो गया हैरान
सड़क से गुजरते लोगों ने जब एक के बाद एक इतनी गाड़ियों को देखा और सभी के पीछे बेटी के जन्म का संदेश लिखा नजर आया तो उनकी नजरें भी काफिले पर टिक गईं। कुछ लोग यह देखने के लिए रुक गए कि आखिर मामला क्या है। आमतौर पर बेटे के जन्म पर घरों में बड़े स्तर पर जश्न मनाते हुए देखा जाता है, लेकिन बेटी के जन्म पर इस तरह पूरा काफिला निकालना लोगों के लिए भी कुछ अलग था।
कृष्णा राठौर के घर में हुई बेटी
यह जश्न कृष्णा राठौर के परिवार में बेटी के जन्म पर मनाया गया। कृष्णा ने बताया कि परिवार में बेटी के जन्म को लेकर काफी समय से इंतजार था। उन्होंने बेटी के लिए सांवरिया सेठ से मन्नत भी मांगी थी। शुक्रवार को लैंटर्न चौराहा स्थित निजी अस्पताल में बच्ची का जन्म हुआ। बेटी के जन्म की खबर मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल हो गया।
इसके बाद रविवार को अस्पताल से डिस्चार्ज मिलने पर परिवार बच्ची को घर लेकर निकला। इस दौरान पहले से इसकी तैयारी की गई थी। रिश्तेदार और परिचित अपनी-अपनी गाड़ियां लेकर अस्पताल पहुंचे और फिर सभी गाड़ियां एक साथ घर के लिए रवाना हुईं। काफिले में शामिल गाड़ियों के पीछे ‘बेटी हुई है’ लिखा हुआ था।
फॉर्च्यूनर से लेकर इनोवा तक शामिल
काफिले में सिर्फ सामान्य कारें ही नहीं, बल्कि कई लग्जरी गाड़ियां भी शामिल थीं। इनमें फॉर्च्यूनर, इनोवा, XUV और ब्रेजा जैसी गाड़ियां थीं। सभी गाड़ियों पर बेटी के जन्म से जुड़ा संदेश लगाया गया था। अस्पताल से घर तक जब यह काफिला सड़कों से गुजरा तो लोगों के बीच भी इसकी चर्चा होने लगी। कृष्णा राठौर ने कहा कि उनके लिए बेटी का जन्म बहुत बड़ी खुशी है। उनका कहना है कि बेटी को घर की खुशी और लक्ष्मी का रूप माना जाता है। इसी खुशी को परिवार ने इस बार कुछ अलग तरीके से मनाने का फैसला किया।
बेटी का जन्म बहुत बड़ी खुशी है। हम इसे यादगार बनाना चाहते थे। रिश्तेदारों ने काफिला निकाला। बेटे की तरह बेटी के जन्म का भी जश्न मनाना चाहिए।
यादगार बनाने का फैसला किया
उन्होंने कहा कि अक्सर बेटे के जन्म पर लोग मिठाई बांटते हैं, ढोल-नगाड़े बजाते हैं और जश्न मनाते हैं। बेटी के जन्म पर भी परिवार को खुलकर खुशी मनानी चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने बच्ची के अस्पताल से घर आने के मौके को यादगार बनाने का फैसला किया।
