एक्टर प्रकाश राज ने एक वीडियो में दावा किया कि वह बेंगलुरु में पैदा हुए पले-बढ़े, बावजूद वोटर लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया.
बेंगलुरु: बेंगलुरु सेंट्रल सिटी कॉर्पोरेशन ने साफ किया है कि एक्टर प्रकाश राज का नाम वोटर लिस्ट से मनमाने ढंग से नहीं हटाया गया था, बल्कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा घर-घर जाकर किए गए वेरिफिकेशन के बाद उसे ‘शिफ़्टेड’ (दूसरी जगह चले गए) के तौर पर मार्क किया गया था.
यह स्पष्टीकरण मंगलवार को सोशल मीडिया पर प्रकाश राज का एक वीडियो वायरल होने के बाद आया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि बेंगलुरु में पैदा होने और वहीं पले-बढ़े होने के बावजूद वोटर लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया था.
नगर निकाय के अनुसार 16 जून, 2026 को जब स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के लिए वोटर लिस्ट को फ्रीज किया गया था. प्रकाश राज का नाम शांतिनगर विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 1 में सीरियल नंबर 970 पर मौजूद था. जीबीए ने बताया कि बीएलओ ने वोटर लिस्ट में दर्ज पते पर घर-घर जाकर वेरिफिकेशन किया.
वेरिफिकेशन के दौरान अधिकारी को पता चला कि प्रकाश राज रजिस्टर्ड पते से कहीं और चले गए थे. अपार्टमेंट के मालिक से भी फ़ोन पर संपर्क किया गया और उन्होंने अधिकारी को बताया कि एक्टर पिछले लगभग चार साल से उस प्रॉपर्टी पर नहीं रह रहे थे और अभी वहाँ कोई दूसरा किराएदार रह रहा है.
बीएलओ ने पड़ोसियों और अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स के प्रॉपर्टी मैनेजर से भी पूछताछ की. सिविक बॉडी ने बताया कि वेरिफिकेशन के दौरान मिली जानकारी के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की गई और प्रकाश राज का नाम ‘शिफ़्टेड’ (कहीं और चले गए) के तौर पर मार्क किया गया.
ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) ने आगे बताया कि प्रॉपर्टी मैनेजर ने 11 अगस्त को शाम करीब 5.30 बजे फोन पर इस जानकारी की फिर से पुष्टि की. सिविक बॉडी ने अपने बयान में कहा कि मंगलवार को एक सीनियर अधिकारी ने भी फ़ोन पर प्रकाश राज से बात की. बातचीत के दौरान प्रकाश राज ने कथित तौर पर पुष्टि की कि वे अब वोटर लिस्ट में दिए गए पते पर नहीं रह रहे हैं. हालांकि, जीबीए के अनुसार एक्टर ने कहा कि वे अभी शांतिनगर विधानसभा क्षेत्र के ही एक दूसरे पते पर रह रहे हैं.
अधिकारी ने उन्हें बताया कि वे अपने मौजूदा पते पर बीएलओ के जरिए फ़ॉर्म 6 जमा कर सकते हैं और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. सिविक बॉडी ने कहा कि वेरिफिकेशन और उसके बाद की कार्रवाई भारत के चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई.
जीबीए ने अपने बयान में कहा, ‘असल तथ्यों के आधार पर एक्टर प्रकाश राज के आरोप सच्चाई से बहुत दूर हैं.’ यह बयान जनता और मीडिया की जानकारी के लिए जगदीश जी, अतिरिक्त जिला चुनाव अधिकारी (सेंट्रल) और कमिश्नर, बेंगलुरु सेंट्रल सिटी कॉर्पोरेशन ने जारी किया था.
