मेस्सी मैजिक से 7वीं बार फाइनल में अर्जेंटीना, आखिरी सात मिनटों में पलटी बाजी, इंग्लैंड को 2-1 से हराया

अर्जेंटीना ने एक बार फिर पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए अटलांटा में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरे वर्ल्ड कप फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली. थ्री लायंस ने दूसरे हाफ की शुरुआत में ही एंथनी गॉर्डन के गोल से बढ़त बना ली थी. लेकिन उसके लगभग तुरंत बाद, अर्जेंटीना ने ज़बरदस्त जोश और पक्के इरादे के साथ जवाब दिया, जैसा उन्होंने केप वर्डे और मिस्र के खिलाफ किया था. 85 मिनटों तक पिछड़ने के बाद अर्जेंटीना ने एंज़ो फर्नांडीज के गोल से वापसी की. इसके बाद स्टॉपेज टाइम में लुटारो मार्टिनेज के हेडर से अर्जेंटीना ने बढ़त बनाई. यह गोल निर्णायक साबित हुआ. अर्जेंटीना फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में न्यू जर्सी में स्पेन से भिड़ेगी.

आखिरी मिनटों में पल्टी बाजी
मेस्सी ने पहले हाफ में विरोधी खिलाड़ियों को 15 बार गेंद गंवाई जो किसी बड़े टूर्नामेंट में 2018 से उनका सबसे खराब प्रदर्शन है लेकिन बेहद दबाव के बीच मैच के अंतिम लम्हों में उन्होंने दिखाया कि आखिर क्यों उन्हें दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शुमार किया जाता है.

पहले एंजो फर्नांडीज ने 85वें मिनट में मेस्सी के पास को गोल में बदलकर अर्जेन्टीना को बराबरी दिलाई जबकि सात मिनट बाद सब्स्टिट्यूट खिलाड़ी लॉटेरो मार्टिनेज (90 प्लस दो मिनट) ने अपने कप्तान के क्रॉस पर हेडर से गोल दागकर टीम की जीत सुनिश्चित की. इंग्लैंड को इससे पहले 55वें मिनट में एंथोनी गोर्डन ने बढ़त दिलाई थी.

ऐसी रही पूरे मैच की कहानी

इंग्लैंड ने सेमीफाइनल के लिए अपनी शुरुआती एकादश में तीन बदलाव किए थे. मैनेजर थॉमस ट्यूशेल ने रीस जेम्स और जेड स्पेंस को रक्षापंक्ति में जगह दी जबकि विंगर के तौर पर नोनी माडुके की जगह मोर्गन रोजर्स ने ली. अर्जेन्टीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने भी एक बदलाव करते हुए रोड्रिगो डि पॉल की जगह जूलियानो सिमियोन को मौका दिया था.

दोनों टीमों ने आक्रामक शुरुआत की, लेकिन साथ ही सतर्क रवैया भी अपनाया, जिससे शुरुआती 12 मिनट में आठ फाउल हुए लेकिन गोल की तरफ एक भी शॉट नहीं लगा. अर्जेन्टीना ने इसमें से पांच जबकि इंग्लैंड ने तीन फाउल किए. अर्जेन्टीना के खिलाड़ियों ने शुरुआती 20 मिनट में गेंद को अधिक समय अपने कब्जे में रखा लेकिन टीम कोई प्रभावी मूव बनाने में नाकाम रही.

अर्जेन्टीना की टीम भाग्यशाली रही कि उसके खिलाड़ियों के रफ खेल के बावजूद शुरुआती 30 मिनट में उसके किसी खिलाड़ी को येलो कार्ड नहीं दिखाया गया. एंजो फर्नांडीज ने चौथे मिनट में इलियट एंडरसन और फिर 32वें मिनट में टीम के पेनल्टी एरिया में ज्यूड बेलिंघम के खिलाफ फाउल किया, लेकिन अमेरिकी रैफरी इस्माइल एलफेथ ने उन्हें येलो कार्ड नहीं दिखाया.

अर्जेन्टीना के खिलाड़ी के फाउल पर इंग्लैंड को 37वें मिनट में फ्री किक मिली. जेम्स ने इसे बाईं तरफ से गोल की तरफ पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन एमिलियानो मार्टिनेज ने आसानी से खतरे को टाल दिया.

कप्तान हैरी केन और एंथोनी गोर्डन ने लियोनल मेस्सी के खिलाफ जानबूझकर फाउल करने की कोशिश की, लेकिन अर्जेन्टीना के दिग्गज के खिलाफ फाउल किया एंडरसन ने जिसके लिए उन्हें मैच का पहला पीला कार्ड दिखाया गया.

रैफरी एलफेथ ने 42वें मिनट में मोर्गन रोजर्स को खींचने के लिए अर्जेन्टीना के लिसांड्रो मार्टिनेज को भी येलो कार्ड दिखाया. बेलिंघम ने इस बीच स्पेंस के पास पर गेंद को आगे बढ़ाया लेकिन अर्जेन्टीना की रक्षापंक्ति ने उनके प्रयास को आसानी से विफल कर दिया.

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