रांची: इस बार समय पर झारखंड में दस्तक देने के बावजूद जून महीने में मानसून की बारिश सामान्य से 54% कम हुई है. मौसम केंद्र,रांची द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार जून 2026 में राज्य में सामान्य औसत बारिश 189.5mm की जगह महज 86.5mm (सामान्य वर्षापात से 54% कम) बारिश हुई है.
जून महीने में सिर्फ दुमका ही ऐसा जिला रहा जहां वर्षा सामान्य रहा, जबकि अन्य 23 जिलों में जून महीने में सामान्य से कम बारिश ही हुई है. साहिबगंज, गढ़वा, चतरा, गोड्डा, कोडरमा, पलामू जिले की स्थिति तो बेहद खराब है. इन जिलों में सामान्य वर्षापात से 77% से 99% तक कम बारिश हुई है.
एक नजर जून में झारखंड में जिलावार हुई बारिश की स्थिति पर
| जिला | वास्तविक वर्षापात | सामान्य वर्षापात | विचलन |
| बोकारो | 53.7MM | 166.6MM | 68% |
| चतरा | 35.4MM | 160.5MM | 78% |
| देवघर | 72.2MM | 185.8MM | 61% |
| धनबाद | 89.6MM | 210.3MM | 57% |
| दुमका | 198.3MM | 198.9MM | 00% |
| पूर्वी सिंहभूम | 85.0MM | 235.7MM | 64% |
| गढ़वा | 9.0MM | 132.4MM | 93% |
| गिरिडीह | 69.6MM | 188.4MM | 63% |
| गोड्डा | 36.3MM | 169.1MM | 79% |
| गुमला | 111.1MM | 198.0MM | 44% |
| हजारीबाग | 55.6MM | 193.2MM | 71% |
| जामताड़ा | 131.9MM | 204.9MM | 36% |
| खूंटी | 81.7MM | 202.4MM | 60% |
| कोडरमा | 35.1MM | 155.7MM | 77% |
| लातेहार | 59.1MM | 175.8MM | 66% |
| लोहरदगा | 59.7MM | 195.0MM | 69% |
| पाकुड़ | 83.8MM | 226.3MM | 63% |
| पलामू | 24.0MM | 121.6MM | 80% |
| रामगढ़ | 79.1MM | 196.5MM | 60% |
| रांची | 146.9MM | 197.6MM | 26% |
| साहिबगंज | 3.2MM | 227.0MM | 99% |
| सरायकेला-खरसावां | 83.3MM | 204.3MM | 59% |
| सिमडेगा | 168.6MM | 234.8MM | 28% |
| पश्चिमी सिंहभूम | 115.3MM | 200.5MM | 43% |
(दुमका को छोड़ सभी जिलों में बारिश का विचलन माइनस में है,यानी सामान्य से कम बारिश हुई है जून महीने में)
अगले 10 दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने की संभावना
जून 2026 में झारखंड के 24 में से 23 जिलों में सामान्य से कम बारिश होने की परेशान करने वाली खबर के बाद अच्छी खबर यह है कि मौसम केंद्र,रांची ने अपने पूर्वानुमान में अगले 10 दिनों तक राज्य में अच्छी बारिश होने की जानकारी दी है. वरीय मौसम पूर्वानुमान वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि 03 जुलाई को उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से अगले करीब 10 दिनों तक राज्य के अधिकांश जिलों में अच्छी वर्षा होगी. इस दरम्यान मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना को देखते हुए चेतावनी भी जारी की गई है.
जून की तरह जुलाई में सामान्य से कम बारिश का अनुमान
जुलाई महीने के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश के बाद मानसूनी बारिश थम सकती है. मौसम केंद्र,रांची के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार जुलाई माह में कुल मिलाकर सामान्य या सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. शुरुआती डेढ़ सप्ताह तक मानसून सक्रिय रहेगा, लेकिन इसके बाद वर्षा की गतिविधियों में कमी आ सकती है. इसकी प्रमुख वजह प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो की स्थिति को माना जा रहा है, जिसका असर मानसून की रफ्तार पर पड़ सकता है.
2025 में जुलाई में हुई थी सामान्य से 19% अधिक बारिश
मौसम केंद्र, रांची से मिले आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष यानी 2025 के जुलाई में 324.1 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो सामान्य से 19 प्रतिशत अधिक थी. इससे पहले वर्ष 2021 में जुलाई में सामान्य से 42 प्रतिशत अधिक और वर्ष 2017 में 81 प्रतिशत अधिक वर्षापात दर्ज की गई थी.
तापमान में नहीं दिखा बड़ा बदलाव
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई महीने में राज्य में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है. वर्ष 2020 से 2025 के बीच अधिकतम तापमान 33-34 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान 21-22 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा. वर्ष 2025 में अधिकतम तापमान थोड़ा कम 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.
किसानों के लिए सलाह
मौसम पूर्वानुमान वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने राज्य के अन्नदाता किसानों को सलाह दी है कि वर्तमान बारिश को देखते हुए किसान सबसे पहले खेतों के निचले हिस्सों में धान की रोपाई को प्राथमिकता दें, जहां पर्याप्त पानी ठहर सकता हो. वहीं ऊंचाई या टांड़ वाले क्षेत्रों में दलहन, तिलहन, मोटे अनाज जैसी फसलों की खेती को प्राथमिकता दें.
