रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग की तैयारी अंतिम चरण में है. इन सबके बीच शनिवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने प्रमंडलीय आयुक्तों के साथ वीडियो कॉफ्रेसिंग के जरिए बैठक की. बैठक को लेकर सीईओ ने कहा कि 30 जून से 29 जुलाई तक एन्यूमरेशन फेज के दौरान बीएलओ घर–घर जाकर मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए एन्यूमरेशन फॉर्म बाटेंगे और मतदाताओं के वर्तमान रंगीन फोटो के साथ उनके द्वारा सिग्नेचर किया हुआ एन्यूमरेशन फॉर्म संकलित करेंगे.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है. गैर भारतीय नागरिक अथवा भारतीय नागरिकता त्याग चुके व्यक्ति एन्यूमरेशन फॉर्म बिना भरे या हस्ताक्षर किए बिना ही तुरंत बीएलओ को वापस लौटा दें. गलत जानकारी देकर गणना/घोषणा पत्र जमा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध है.
चुनाव आयोग के निर्देशों के बारे में दी जानकारी: सीईओ
के रवि कुमार ने शनिवार को निर्वाचन सदन से सभी प्रमंडलीय आयुक्तों के साथ एसआईआर के दौरान विभिन्न फेज में किए जाने वाले कार्यों के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बताए गए दिशा निर्देशों और कार्य प्रणाली को लेकर पीपीटी के माध्यम से बिन्दुवार विस्तार से जानकारी दी. पीपीटी के माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को बीएलए-2 की भूमिका, एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट और रिफ्यूज टू साईन कैटेगरी, बीएलओ ऐप, एन्यूमरेशन फॉर्म, नागरिकता, मैपिंग आदि बिन्दुओं पर विस्तृत रूप से प्रशिक्षण दिया गया.
सीईओ के रवि कुमार ने कहा कि प्रमंडलीय आयुक्तों को मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के क्रम में कम से कम 3 बार निरीक्षण करना है. साथ ही आयोग के दिशा निर्देशों का अनुपालन करते हुए आयुक्त अपने प्रमंडल के जिलों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यक्रम का समयानुसार निरीक्षण अवश्य करें.
नागरिकता निर्धारण के लिए तय है जन्म तिथि: सीईओ
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा कि भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 और इसके संशोधनों के तहत नागरिकता निर्धारण के लिए जन्म तिथि के आधार पर तीन मुख्य समय-सीमाएं तय की गई हैं. पहली समयावधि 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच की है. जिसके तहत ‘बर्थ राइट रूल’ लागू होता है. इस अवधि में भारत में जन्मा हर व्यक्ति भारतीय नागरिक माना जाता है.
इसके बाद 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच ‘वन पैरेंट रूल’ के तहत भारत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के माता या पिता में से किसी एक का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है. वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद ‘टू पैरेंट रूल’ लागू होता है. जिसके अनुसार माता-पिता दोनों का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है या फिर एक पैरेंट भारतीय नागरिक हो और दूसरा गैर भारतीय पैरेंट बच्चे के जन्म के समय भारत के लिए मान्य पासपोर्ट और वीजा का धारक हो एवं अवैध अप्रवासी न हो.
5 अगस्त को जारी होगा मतदाता सूची का ड्राफ्ट
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने वाले प्रत्येक मतदाता का नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाले मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में प्रकाशित होगा. ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद वैसे मतदाता, जिनकी मैपिंग सही पाई जाएगी, उन्हें किसी प्रकार के कोई दस्तावेज नहीं देने होंगे. एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने के समय भी मतदाता पिछले एसआईआर से अपनी मैपिंग करा सकते हैं.
सीईओ ने कहा कि एन्यूमरेशन फॉर्म लौटाते समय एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट एवं रिफ्यूज टू साईन कैटेगरी के मतदाताओं की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 से वेरिफिकेशन करते हुए ड्राफ्ट पब्लिकेशन के साथ इसकी सूची का भी प्रकाशन किया जाएगा. के रवि कुमार ने कहा है कि एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करते समय बीएलओ द्वारा नए मतदाताओं को फॉर्म-6 और डिक्लेरेशन फॉर्म दिया जाएगा.
मतदाताओं द्वारा भरे हुए फॉर्म-6 का ऑनलाइन अपडेट का कार्य नोटिस एवं सत्यापन की अवधि में किया जाएगा. सीईओ ने बताया कि फॉर्म भरते समय मतदाताओं द्वारा घोषणा पत्र के साथ–साथ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बताए गए 11 दस्तावेजों में से कोई एक संबंधित दस्तावेज जमा करने होंगे.
