टाटा वर्कर्स यूनियन में असंतोष, एनएस के कमेटी सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफे को लेकर शुरू किया हस्ताक्षर अभियान

 

अब तक 14 कमेटी सदस्य कर चुके हैं हस्ताक्षर जबकि यूनियन में 84 सदस्य हैं

डीए परप्वाइंट, एमजीबी और वार्षिक इंक्रीमेंट को लेकर उठाई मांग

जमशेदपुर : टाटा स्टील के लंबित ग्रेड रिवीजन और वेतन समझौते को लेकर टाटा वर्कर्स यूनियन के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। यूनियन के एन एस ग्रेड के कमेटी सदस्यों के एक समूह ने यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी को पत्र जारी कर सामूहिक इस्तीफा देने की घोषणा की है। इसके लिए हस्ताक्षर अभियान भी एन एस ग्रेड की कमेटी सदस्यों ने शुरू कर दिया है। पिंकी यूनियन में सदस्यों की संख्या 84 है जिनमें से अब तक 14 लोगों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं यह अभियान अभी जारी है।
टाटा वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी को पत्र में कहा गया है कि एन एस गेट के कमेटी सदस्यों ने हमेशा कर्मचारियों के हित और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है, लेकिन लंबित ग्रेड रिवीजन में उनकी जायज मांगों को अपेक्षित महत्व नहीं दिया जा रहा है। यदि उनकी मांगों को आने वाले दिनों में समझौता में प्रमुखता से नहीं लिया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। कमेटी सदस्यों ने अपनी प्रमुख मांगों में डीए प्रति प्वाइंट की दर 6 रुपये करने, न्यूनतम गारंटीड बेनिफिट (एमजीबी) को कम से कम 30 प्रतिशत निर्धारित करने व वार्षिक वेतनवृद्धि को संबंधित बेसिक स्लैब के अनुसार 3 प्रतिशत करने की मांग रखी है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि इन मांगों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है तो वेतन समझौते की अवधि पांच वर्ष तक सीमित की जाए। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि यह भी संभव नहीं है तो एनएस ग्रेड रिवीजन समझौते पर किसी भी परिस्थिति में हस्ताक्षर नहीं किए जाने चाहिए। टाटा वर्कर्स यूनियन के एन एस ग्रेड के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों की भावनाओं और चिंताओं को वह गंभीरता से नहीं लिया जा रहा जिसकी अपेक्षा अपेक्षा की जा रही।। इसी कारण उन्होंने तत्काल प्रभाव से अपने-अपने यूसीएम पदों से सामूहिक इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। पत्र में कहा गया है कि यह फैसला कर्मचारियों के हितों की रक्षा, उनके विश्वास को बनाए रखने और उनकी अपेक्षाओं के सम्मान के उद्देश्य से लिया गया है। एन एस ग्रेड के 84 कमेटी सदस्यों मैं से अब तक 14 सदस्यों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं आगे भी हस्ताक्षर करने का अभियान जारी है। अब टाटा स्टील कर्मचारियों की नजरे इस पर नजरें टिकी हुई हैं। ग्रेड रिवीजन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच इस घटनाक्रम ने यूनियन की आंतरिक राजनीति और कर्मचारियों की अपेक्षाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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