पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम आने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस प्रेस कॉन्फ्रेस से साफ है कि बंगाल में सियासी घमासान फिलहाल शांत नहीं होने जा रहा है. ममता बनर्जी बंगाल की हार के बावजूद इस्तीफा देने के लिए तैयार नहीं है और इस संघर्ष को वे अगले स्तर पर ले जाने की कोशिश में जुटी हैं. चुनाव परिणामों में तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई हैं. हालांकि ममता बनर्जी ने कहा कि मैं हारी नहीं हूं और इस्तीफा नहीं दूंगी. साथ ही केंद्र से चुनाव आयोग तक और केंद्रीय एजेंसियों से बीजेपी तक हर किसी पर उन्होंने जमकर आरोप लगाए हैं. ममता बनर्जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 बड़ी बातें.
1. हारी नहीं हूं, इस्तीफा नहीं दूंगी: ममता बनर्जी
ममता बनर्जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह साफ हो गया है कि बंगाल में टकराव फिलहाल थमने वाला नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि मैं हारी नहीं हूं, इस्तीफा नहीं दूंगी और राजभवन नहीं जाऊंगी. साथ ही उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, काउंटिंग और केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए. ममता बनर्जी ने साफ कहा कि अगर वह चुनाव जीत भी जातीं, तब भी वह बंगाल विधानसभा नहीं जातीं. उन्होंने कहा कि वह खुद को कम अहम शख्स के रूप में रखना चाहती हैं और सत्ता की राजनीति से ऊपर रहकर संघर्ष जारी रखेंगी.
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2. चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर हमला
ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठाए और कहा कि उनकी सीधी लड़ाई चुनाव आयोग से थी. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारियों ने एकतरफा तरीके से काम किया. ममता ने सवाल उठाया कि 90 से 95 प्रतिशत तक वोटिंग कैसे हुई. उन्होंने दावा किया कि उन्हें न्यायपालिका से भी न्याय नहीं मिला और व्यवस्था पूरी तरह से उनके खिलाफ काम कर रही थी.
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3. CRPF पर बरसीं, बोलीं- ऐसा अत्याचार नहीं देखा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के व्यवहार पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि काउंटिंग के दौरान सीआरपीएफ के जवान गुंडों जैसा व्यवहार कर रहे थे. ममता के मुताबिक, हालात ऐसे थे कि उम्मीदवारों तक को काउंटिंग सेंटर में जाने से रोका जा रहा था. उन्होंने कहा कि उन्होंने मनमोहन सिंह, एचडी देवेगौड़ा और आईके गुजराल की सरकारों को भी देखा है, लेकिन ऐसा अत्याचार उन्होंने कभी नहीं देखा.
4. पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले और धमकियों का आरोप
ममता बनर्जी ने दावा किया कि चुनाव के बाद टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनके नेताओं के घर जलाए जा रहे हैं, पार्टी कार्यकर्ताओं को पीटा जा रहा है और महिलाओं को बलात्कार की धमकियां दी जा रही हैं. उनका कहना था कि जब पार्टी और समाज के हर वर्ग को निशाना बनाया जाता है, तब विरोध तय है और यह संघर्ष और तेज होगा.
5. काउंटिंग प्रक्रिया को लेकर भी उठाए गंभीर सवाल
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि काउंटिंग के दौरान उनकी तरफ से कोई मौजूद नहीं था. उन्होंने कहा कि उनके एजेंट को अंदर जाने की अनुमति ही नहीं दी गई. ममता ने यह भी दावा किया कि उन्हें खुद पीछे से मारा गया और प्रताड़ित किया गया. उनके अनुसार, जब काउंटिंग शुरू हुई तब वह उम्मीदवार के तौर पर वहां मौजूद थीं, लेकिन बीजेपी के लोगों ने मुझे धक्का मारकर बाहर निकाल दिया. ये मेरी बेइज्जती है, जब मेरे साथ ऐसा हुआ तो मैं समझ सकती हूं कि बाकी कैंडिडेट के साथ क्या हुआ होगा.
6. केंद्रीय हस्तक्षेप और लोकतंत्र की हत्या का आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि भारत सरकार ने सीधे तौर पर चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे सिस्टम पर कब्जा करने के लिए लोकतंत्र की हत्या की गई. उनका दावा था कि इसी तरीके से बीजेपी ने महाराष्ट्र, बिहार और हरियाणा जैसे राज्यों में भी जीत हासिल की. ममता ने दोहराया कि हम शेर की तरह लड़ना जारी रखेंगे.
7. चुनाव आयोग को बताया ‘सबसे बड़ा विलेन’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को सबसे बड़ा विलेन करार दिया. उन्होंने खास तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को विलेन बताया. उनका कहना था कि दिल्ली से संदेश आए और काउंटिंग सेंटर्स को हाईजैक किया गया, जिसकी जानकारी देश-दुनिया तक पहुंचनी चाहिए.
8. इंडिया गठबंधन का समर्थन मिलने का दावा
ममता बनर्जी ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी बड़े नेता उनके साथ हैं. उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन ने उनसे बात कर समर्थन जताया. ममता के मुताबिक, इंडिया गठबंधन एकजुट है और बीजेपी के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रहेगी.
9. बीजेपी पर मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने जीत के लिए हर पैंतरा अपनाया और सरकारी मशीनरी में बदलाव किया गया. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान ऐसी अराजकता उन्होंने पहले कभी नहीं देखी. ममता ने दावा किया कि पुलिस पूरी तरह से इनएक्टिव थी.
10. आगे की रणनीति और फैक्ट फाइंडिंग कमेटी
ममता बनर्जी ने यह भी स्वीकार किया कि उनके कुछ कार्यकर्ता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं, लेकिन उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने कहा कि इस पर बाद में कार्रवाई होगी. फिलहाल पार्टी एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन करेगी, जो सभी कथित ‘कैप्चर एरिया’ में जाकर हालात की जांच करेगी.
