पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 ने एक बार फिर देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. जहां दिनभर हिंसा, बमबाजी और झड़पों की खबरें सुर्खियों में रहीं, वहीं दूसरी तरफ मतदाताओं की बढ़चढ़ की भागीदारी ने एक अलग ही कहानी लिख दी. शाम 5 बजे तक राज्य में करीब 90 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जो अपने आप में रिकॉर्ड के करीब पहुंचता आंकड़ा है.
बंगाल में करीब 90 फीसदी वोटिंग
चुनाव आयोग के शुरुआती रुझानों के मुताबिक, आखिरी एक घंटे में आमतौर पर 2 से 3 फीसदी तक मतदान और बढ़ता है. ऐसे में सवाल सीधा है कि क्या पश्चिम बंगाल इस बार 95 फीसदी मतदान का ऐतिहासिक आंकड़ा छू पाएगा? शाम 5 बजे तक राज्य में 89.93 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई. दिन की शुरुआत से ही कई इलाकों में लंबी कतारें देखी गईं. ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी बूथों तक, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचे. मालतीपुर में एक महिला मतदाता की बूथ पर मौत जैसी दुखद घटना भी सामने आई, लेकिन इसके बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ.
चुनाव के दौरान कई जगहों पर हुई हिंसा
हालांकि, यह चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रहा. मुर्शिदाबाद, नवदा और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में बम हमले, पत्थरबाजी और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों की खबरें लगातार आती रहीं. कई जगहों पर केंद्रीय बलों और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा. इन घटनाओं ने चुनाव की निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर सवाल भी खड़े किए.
इसके बीच एक अहम फैक्टर एसआईआर प्रक्रिया रहा. इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में व्यापक सुधार और अपडेट किया गया, जिससे बड़ी संख्या में नए मतदाता जुड़े और पुराने रिकॉर्ड दुरुस्त हुए. चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि SIR का सीधा असर मतदान प्रतिशत पर दिखा है. अधिक सटीक और अपडेटेड वोटर लिस्ट ने लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया.
राजनीतिक दल भी इस भारी मतदान को अपने-अपने तरीके से देख रहे हैं. जहां सत्ताधारी दल इसे अपने समर्थन का संकेत मान रहा है, वहीं विपक्ष इसे बदलाव की लहर बता रहा है. बंगाल की राजनीति में यह पुराना ट्रेंड रहा है-जितना ज्यादा मतदान, उतनी ज्यादा राजनीतिक व्याख्याएं.
दोपहर 3 बजे तक 78.77 फीसदी मतदान का आंकड़ा पार करने के बाद से ही यह साफ हो गया था कि इस बार रिकॉर्ड बनने की पूरी संभावना है. शाम होते-होते यह आंकड़ा 89.24 फीसदी पहुंच गया, जिसने चुनावी समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया.
पश्चिम बंगाल में 152 सीटों पर हो रही वोटिंग
विधानसभा चुनाव के पहले चरण में पश्चिम बंगाल में 152 सीटों पर कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं. इन उम्मीदवारों के लिए राज्य के 3.60 करोड़ वोटर्स वोट डालेंगे. बीजेपी सभी 152 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि टीएमसी 148 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. बंगाल के पहले चरण की वोटिंग बीजेपी के लिहाज से ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि ये वही इलाके हैं, जहां बीजेपी का दुर्ग मजबूत है. बंगाल के पहले चरण न केवल सीटों की संख्या के लिहाज से बड़ा है, बल्कि यह उत्तर बंगाल से लेकर जंगलमहल और मतुआ गढ़ तक फैला हुआ है.
