चाईबासा,26 फरवरी: आर टी ए, चाईबासा के सचिव द्वारा मार्ग पर वाहनों को बेतरतीब ढंग से जुर्माना लगा कर परेशान करने की शिकायत आ रही है। पता चला है कि सचिव को उनका एक ड्राइवर जिसका नाम मोंटी सिंह बताया जाता है,कंट्रोल करता है और वसूली का तरीका बताता है। यह ड्राइवर जमशेदपुर का ही रहने वाला है। वाहन मालिकों से माहवारी रकम वसूली की सेटिंग के लिए पहले अनाप शनाप जुर्माना ठोक दिया जा रहा। ऐसे ही एक मामले में परमिट की वैध्यता होने के बावजूद बिना परमिट के आरोप में 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाना चर्चा में आया है। बताया जाता है कि ओवरलोडिंग होने पर परमिट बैद्य होने के बावजूद परमिट फेल का जुर्माना लगाकर ट्रांसपोर्टरों को परेशान किया जाता है ताकि वे सेटिंग के दायरे में आयें और नियमित रकम पहुंचाते रहें।इस आरटीए सचिव द्वारा ही उक्त वाहन को सन 2031 तक परमिट जारी किया गया है।
इस हथकंडे से परिवहन कार्य और व्यवसाय में जुडक़र काम करने वाले छोटे कारोबारियों को आर्थिक समस्या और ढुलाई व्यवधान होने से उनका अलग अलग कंपनियों से मिला कार्य अनुबंध टूटने का खतरा हो जा रहा। इन ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि मुर्गी का चमड़ा छीलने वाला खर्च उससे निकलने वाले मांस के खर्च से अधिक हो गया है जिससे कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा। इससे सरकार और स्थानीय परिवहन मंत्री दीपक विरुआ की बदनामी हो रही कि कहीं उनके इशारे पर सचिव का ड्राइवर इतना दुस्साहस कर रहा हो। यह भी चर्चा है कि होली खर्च वसूली के नाम पर यह प्रकोप बढ़ा हुआ है।
