धनबाद : लंबित कांड के निष्पादन के मामले में धनबाद पुलिस ने वर्ष 2025 में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है। जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 6408 कांड दर्ज किए गए, जबकि इसी अवधि में 8992 कांडों का निष्पादन किया गया।
यह दर्ज कांडों की तुलना में लगभग 140 प्रतिशत निष्पादन को दर्शाता है।
आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी 2025 तक जिले में 4716 कांड लंबित थे। पुलिस की प्रभावी कार्रवाई और सतत निगरानी के परिणामस्वरूप 1 जनवरी 2026 तक लंबित कांडों की संख्या घटकर 2132 रह गई। इस प्रकार लंबित कांडों में लगभग 54.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुनियोजित रणनीति, नियमित समीक्षा, अनुसंधान में तेजी और अधिकारियों व कर्मचारियों की प्रतिबद्धता के कारण यह सफलता संभव हो सकी है। कांडों के शीघ्र निष्पादन से न केवल न्याय प्रक्रिया को गति मिली है, बल्कि आम जनता में कानून-व्यवस्था को लेकर विश्वास भी मजबूत हुआ है।
धनबाद पुलिस की इस उपलब्धि को राज्य स्तर पर एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अन्य जिलों को भी कांड निष्पादन में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।
माननीय न्यायालय से संबंधित मामलों के शीघ्र एवं प्रभावी निष्पादन को लेकर जिला पुलिस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को जिला पुलिस मुख्यालय के सभागार में लंबित कांड को लेकर समीक्षा बैठक हुई।
बैठक पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय 2 धीरेन्द्र नारायण बंका ने की। बैठक में न्यायालय से प्राप्त आदेश, प्रतिवेदन, वारंट तथा कुर्की से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। डीएसपी ने निर्देश दिया कि न्यायालय से प्राप्त सभी आदेशों का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
कोर्ट नोडल पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिन मामलों में गवाही निर्धारित है, उनमें गवाहों को तिथि, स्थान एवं संबंधित जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जाए, जिससे गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित हो और मामलों के शीघ्र निपटारे में सहयोग मिले।
बार-बार सूचना देने के बावजूद गवाहों की अनुपस्थिति की स्थिति में संबंधित वरीय पदाधिकारी को सूचित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही न्यायालय से प्राप्त वारंट एवं कुर्की आदेशों की त्वरित तामिला सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
