16 घंटे की मजदूरी 5 हजार की मजबूरी, पंजाब में बंधक बने झारखंड के आदिवासी परिवार की दर्दनाक कहानी!

 

रांचीः रोजगार की तलाश में अपने गांव से निकला एक आदिवासी परिवार आज बेबसी और शोषण के ऐसे जाल में फंसा है, जहां से निकलना उसके लिए मुश्किल होता जा रहा है.

झारखंड के खूंटी जिला का रहने वाला सनिका पूर्ती अपने परिवार के साथ पंजाब में कथित तौर पर बंधुआ मजदूरी करने को मजबूर है. उसकी आपबीती न सिर्फ आर्थिक मजबूरी की कहानी है, बल्कि मानवता को झकझोर देने वाला सच भी है.

पंजाब में इस जगह फंसा है आदिवासी परिवार

सनिका पूर्ती खूंटी जिला के वीरबांकी थाना क्षेत्र के इचाकुटी गांव का रहने वाला है. करीब डेढ़ साल पहले बेहतर जीवन की उम्मीद में पंजाब में कलजीत सिंह के फार्म हाउस में गया था. जालंधर जिला के शाहकोट थाना क्षेत्र स्थित परजियां कलाप में पहुंचते ही फंसकर रह गया है.

सनिका पूर्ती का कहना है कि उससे रोजाना लगभग 16 घंटे काम कराया जाता है. सुबह तड़के पशुओं की देखभाल से लेकर खेतों में मेहनत तक, जबकि उसकी पत्नी दिनभर सफाई और घरेलू कामों में जुटी रहती है. इसके बदले उसे और उसकी पत्नी को हर महीने महज पांच-पांच हजार रुपये दिए जाते हैं.

मांगने पर नहीं मिलती छुट्टी

पीड़ित के मुताबिक, रहने के लिए एक कमरा और खाने की व्यवस्था जरूर है लेकिन आजादी पूरी तरह छिन चुकी है. छुट्टी मांगने पर अपमान झेलनी पड़ती है. यहां तक कि जब उसके ससुर गंभीर रूप से बीमार थे, तब भी उसे घर जाने की अनुमति नहीं दी गई. इस घटना के बाद उसे समझ में आया कि अब वह बंधुआ मजदूर बन चुका है. क्योंकि छुट्टी मांगने पर कलजीत सिंह कहते हैं कि क्या तुमने रिश्तेदारों का ठेका ले रखा है, वहां जाकर क्या करोगे.

पंजाब में नवजात बेटे की हो चुकी है मौत

इस पीड़ा के बीच परिवार ने एक और बड़ा सदमा झेला. सनिका की पत्नी ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया लेकिन पर्याप्त इलाज और देखभाल के अभाव में एक नवजात की महज तीन सप्ताह में मौत हो गई. इस घटना ने परिवार को भीतर तक तोड़ दिया, फिर भी मजबूरी में उन्हें वहीं काम जारी रखना पड़ा.

मजदूरी बढ़ाने की मांग पर किया जाता है अपमानित

सनिका ने बताया कि उसके साथ उसी गांव के तीन अन्य लोग भी उसी जगह पर काम कर रहे हैं और सभी एक जैसी परिस्थितियों से जूझ रहे हैं. अब वह किसी भी कीमत पर अपने घर लौटना चाहता है. उसने मजदूरी बढ़ाने की मांग भी की लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया.

सामाजिक कार्यकर्ता ने पुलिस को दी जानकारी

इधर, यह मामला अब प्रशासन तक पहुंच चुका है. एक सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी बाखला के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद खूंटी जिला की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने कार्रवाई शुरू कर दी है.

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