खूंटी/रांची: खूंटी के चर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या किसी तात्कालिक विवाद का नतीजा नहीं, बल्कि जमीन कारोबार से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद और सुनियोजित साजिश का परिणाम थी. हत्या की पूरी योजना पहले से बनाई गई थी, जिसे शूटरों और सहयोगियों की मदद से अंजाम दिया गया है.
खूंटी एसपी प्रवीण टोप्पो ने बताया कि इस हत्याकांड में शूटर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पूर्व में भी आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. आरोपी जमीन खरीद फरोख्त के कारोबार में सक्रिय थे और सीएनटी/गैरमजरुआ जमीन से जुड़े लेन-देन को लेकर सोमा मुंडा से उनका विवाद चल रहा था. इसी विवाद में सोमा मुंडा को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई. साजिश के तहत हथियार, मोटरसाइकिल और शूटरों की व्यवस्था की गई थी.
7 जनवरी को हुई थी सोमा मुंडा की हत्या
7 जनवरी 2026 को सोमा मुंडा जब अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से खूंटी जा रहे थे, तभी घात लगाए बैठे अपराधियों ने उनका पीछा किया. जमुवादाग तालाब के पास देसी पिस्टल से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई. वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे. खूंटी एसपी ने बताया कि यह पूरी तरह से सुनियोजित हत्या थी. जिसमें जमीन कारोबार से जुड़े आर्थिक लाभ के लिए साजिश रची गई. अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
गिरफ्तार आरोपियों में ये हैं शामिल
घटना के बाद पुलिस ने एसआईटी गठित कर तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल कॉल डिटेल्स और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी शुरू की. जांच के दौरान हत्या में प्रयुक्त देसी पिस्टल, चार जिंदा गोलियां, दो मोटरसाइकिल और अन्य सामान बरामद किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों में 44 वर्षीय दानियल सांगा, 20 वर्षीय सुमित दाल सांड, 20 वर्षीय मार्कुस सांगा, 25 वर्षीय रोशन मिंज, 35 वर्षीय संदीप खलखो और 32 वर्षीय संतोष दाल सांड शामिल हैं.
