यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस का विस्तार भारत में जिस तेजी से हुआ है, वह अपने…
Category: सम्पादकीय
दुनिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत बना भरोसे का सेतु
पूरी दुनिया इस समय असाधारण तनाव के दौर से गुजर रही है। दुनिया के अलग-अलग…
हॉस्टल नहीं, छात्रों की जिंदगी दांव पर है
दिल्ली विश्वविद्यालय के 91 कॉलेजों में दाखिले के लिए देशभर से करीब 15 लाख बच्चे…
जौहर को कायर कहना कितना उचित?
पद्मावत के जौहर वाले दृश्य को अभिनेत्री स्वरा भास्कर द्वारा ‘कायरता’ कहे जाने के बाद विवाद…
‘हम जेन-जी हैं’ का असर: क्या बदलते भारत में सत्ता तंत्र नई पीढ़ी से डरने लगा है?
लद्दाख में सुरक्षा कर्मियों द्वारा रास्ता रोके जाने पर एक युवती का यह कहना कि “हम…
खानपान की गुणवत्ता से समझौता आखिर कब तक?
हमारे देश में खानपान को लेकर आम लोगों से लेकर सरकारी तंत्र और निर्माता कंपनियों तक…
छात्र आंदोलनों की चिंगारी अब दूर तक जाएगी
दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के छात्र आंदोलन की चिंगारी अब धीरे-धीरे…
जमशेदपुर की घटना ने पुलिस व्यवस्था पर खड़े किए गंभीर सवाल
जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डेकर बार में हुई हिंसक झड़प के बाद एक युवक की…
नेहरू बनाम मोदी: तुलना की राजनीति और सोशल मीडिया का जहर
प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूरे होने और निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर…
कोचिंग संस्थानों की वर्चस्व की लड़ाई और छात्रों का भविष्य
नीट यूजी, यूजीसी और सीबीएसई विवाद के बीच बिहार में कोचिंग संस्थानों के बीच…