कोई सगा नहीं जिसे अजय अग्रवाल ने ठगा नहीं

जमशेदपुर। ग्रीन वाटिका होम्स प्र लि के निदेशक अजय अग्रवाल को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पहले ही साकची थाना में दर्ज वर्तमान गिरफ्तारी वाले इस मामले में अन्य अभियुक्तों को कानूनी संरक्षण प्रदान करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जबकि अजय अग्रवाल को जालसाजी और धोखाधड़ी के तत्संबंधी मामले का किंगपिन बताया। अजय अग्रवाल पर पूर्व में भी कुछ आपराधिक मुकदमें दर्ज हो चुके हैं । सबका यही मानना है कि अजय अग्रवाल का ऐसा कोई सगा नहीं जिसे उसने ठगा नहीं। बिल्डिंग के काम से गिट्टी बालू सप्लाई से जुड़ा दिलीप साहू तक नहीं बचे इनके शिकार होने से। बोकारो के दिलीप गोयल अलग से फंसे है। लिपू शर्मा बताते हैं उन्हें भी सड़क पर ला दिया अजय अग्रवाल ने।पुलिस अनुसंधान में सहयोग नहीं करने और पता बदल बदल कर भागे चलने का इन पर आरोप है। मुकदमा दर्ज होने पर जिला अदालत अथवा पुलिस के पास उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के बजाय उच्च न्यायालय में हाजिर होकर पूरे एफ आई आर को ही रद्द करने की भी याचिका लगाई जो विचाराधीन है और इस तथ्य को जमानत हेतु दायर अर्जी में छिपाया गया अर्थात जब पूरे एफ आई आर को ही रद्द करने का मामला उच्च न्यायालय के अधीन विचाराधीन हो तब निचली अदालत में उस एफ आई आर के आधार पर की गई गिरफ्तारी की सुनवाई कैसे उचित हो सकती है ? अजय अग्रवाल के साथ कारोबार करते हुए अनगिनत लोग उनके शिकार हुए। सबको छोड़ कर वे पैसे समेट यहां से दूसरे प्रदेश भाग गए। अभी अजय अग्रवाल ने बताया वह गुजरात के वापी में परिवार के साथ रहता है। अजय अग्रवाल आदित्यपुर के प्रसिद्ध औद्योगिक संगठन एसिया के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल का सगा भतीजा है और उनका नाम आगे कर ही वह लोगों और संस्थाओं को प्रभाव में लेता रहा।

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