मुस्लिम देशों में कैसे मनाई जाती है दिवाली, कहां-क्या है रिवाज?

Diwali 2026: दिवाली जिसे रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है ना सिर्फ भारत में बल्कि कई मुस्लिम बहुल देशों में भी मनाया जाता है. वहां रहने वाले भारतीय और स्थानीय हिंदू समुदाय अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखते हैं. इसी के साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी इन उत्सवों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं.

इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, मलेशिया और पाकिस्तान इसके कुछ उदाहरण हैं कि वहां यह त्योहार किस तरह मनाया जाता है. इनमें धार्मिक अनुष्ठान, सार्वजनिक उत्सव और पड़ोसियों के बीच मेलजोल जैसी चीजें शामिल हैं.

दिवाली कई मुस्लिम-बहुल देशों में धूमधाम से मनाई जाती है।
इंडोनेशिया में रामायण मंचन, यूएई में सार्वजनिक उत्सव होते हैं।
मलेशिया में ओपन हाउस, पाक में सद्भावना संदेश साझा होते हैं।
सऊदी अरब में भारतीय समुदाय पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करता है।

इंडोनेशिया

इंडोनेशिया, जो दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश है, का रामायण के साथ पुराना सांस्कृतिक संबंध है. दिवाली मुख्य रूप से बाली, सुमात्रा और जावा द्वीपों पर मनाई जाती है. जावा में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रम्बानन मंदिर में रामायण का मंचन किया जाता है. इन प्रस्तुतियों में मुस्लिम कलाकार भी हिस्सा लेते हैं.

इंडोनेशिया में कुछ लोग दिवाली के दौरान आत्म संयम और शुद्धि के लिए 30 दिनों का उपवास भी रखते हैं. त्योहार से 1 महीने पहले ही तैयारी शुरू हो जाती है. घरों की रंगाई पुताई और सजावट की जाती है, दीये जलाए जाते हैं और कुछ परिवार रात में देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं.

संयुक्त अरब अमीरात

संयुक्त अरब अमीरात, खासतौर से दुबई में दिवाली बड़े पैमाने पर सार्वजनिक उत्सव के साथ मनाई जाती है. दुबई सरकार इस त्योहार के लिए खास संगीत कार्यक्रम और आयोजन करती है. दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा को दिवाली की शुभकामनाओं और शानदार रोशनी से सजाया जाता है.

बाजार और शॉपिंग सेंटर भी इन उत्सवों का हिस्सा बनते हैं. सोने के बाजारों और मॉल में दिवाली पर खास छूट और ऑफर दिए जाते हैं. यहां रहने वाले लोग और पर्यटक सोने के आभूषण और नए कपड़े खरीदते हैं. स्थानीय निवासी और वहां रहने वाले भारतीय एक साथ मिलकर दीये जलाते हैं, रंगोली बनाते हैं और एक दूसरे को मिठाई बांटते हैं.

सऊदी अरब

सऊदी अरब में बीते कुछ सालों में आए संस्कृत बदलावों की वजह से त्योहार मनाने के लिए काफी ज्यादा अवसर मिलते हैं. रियाद और दूसरे शहरों में भारतीय मूल के लोग अपने घरों, दुकानों और कार्यस्थल को रंग बिरंगी सजावट और रोशनी से सजाते हैं. परिवार अपनी पारंपरिक रीतियों का पालन करते हैं जिसमें पारंपरिक कपड़े पहनना, बिंदी लगाना, घर पर लक्ष्मी और गणेश की पूजा करना, उपहार का आधान प्रदान करना और शुभकामनाएं देना शामिल है.

मलेशिया

मलेशिया में दिवाली को हरी दिवाली के नाम से जाना जाता है और इस दिन पूरे देश में सार्वजनिक छुट्टी होती है. यहां की एक खास परंपरा ओपन हाउस है. इसमें हिंदू परिवार अपने दोस्तों, पड़ोसियों और दूसरे धर्म के लोगों का अपने घरों में स्वागत करते हैं.

मुस्लिम मेहमान और दूसरी पृष्ठभूमि के लोग भी इन उत्सव में शामिल होते हैं, व्यंजनों का आनंद लेते हैं और मिठाइयां खाते हैं. इस परंपरा की वजह से मेहमान नवाजी और अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी मेल-जोल इस त्योहार का एक आम और अहम हिस्सा बन जाता है.

पाकिस्तान

पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय अपनी परंपराओं को कायम रखते हुए दिवाली मनाता है. कराची के स्वामीनारायण मंदिर के साथ-साथ पंजाब और सिंध के दूसरे ऐतिहासिक मंदिरों को भी इस त्योहार के लिए दीयों और रोशनी से सजाया जाता है.

इस मौके पर सद्भावना के संदेश दिए जाते हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और दूसरे राजनीतिक नेता हिन्दू समुदाय को आधिकारिक तौर पर शुभकामनाएं देते हैं.

अलग-अलग स्थानीय रूप वाला एक त्योहार

इन देशों में दिवाली अलग-अलग रूपों में मनाई जाती है. कहीं मंदिरों में कार्यक्रम होते हैं, कहीं घरों में पूजा अर्चना की जाती है, कहीं सार्वजनिक संगीत कार्यक्रम और खरीदारी का आयोजन होते हैं, कहीं ओपन हाउस जैसी महफिल सजाई जाती हैं. इन सभी उदाहरण में एक बात समान है कि अलग-अलग समुदाय के लोग एक साथ इकट्ठा होकर कैसे दिवाली का त्योहार मनाते हैं.

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