राज्यसभा चुनाव के लिए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है. दो दिनों तक चली जांच और आपत्तियों के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन स्वीकार कर लिया है.
दरअसल, नामांकन दाखिल करने के बाद उनका पर्चा होल्ड पर रख दिया गया था. नाम को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी. कुछ दस्तावेजों में उनका नाम परिमल नाथवानी जबकि कुछ में नाथवानी परिमल दर्ज था.
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायक नमन विक्सल कोंगाडी ने आपत्ति दर्ज कराई थी. आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन पर फैसला रोकते हुए मामले की जांच शुरू की थी.
दो दिनों तक चले विवाद और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद चुनाव अधिकारियों ने परिमल नाथवानी का नामांकन वैध मानते हुए उसे मंजूरी दे दी. इससे राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में उनके उम्मीदवार बने रहने का रास्ता साफ हो गया है.
परिमल नाथवानी के नामांकन पर्चा को रद्द करने को लेकर विधानसभा के सचिव सह राज्यसभा चुनाव के निर्वाची पदाधिकारी कक्ष में सियासी ड्रामा घंटों चलता रहा. कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के प्रस्तावक विधायक नमन विकसल कोंगाड़ी की शिकायत पर निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी की ओर से जवाब दाखिल करने के बाद हुई सुनवाई के दौरान सलमान खुर्शीद समय पर नहीं पहुंच सके.
कांग्रेस की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र चौहान ने रखा पक्ष
निर्वाची पदाधिकारी कक्ष में इसकी सुनवाई दिन के 11 बजे से थी लेकिन सलमान खुर्शीद लगभग 12.30 बजे पहुंचे. बावजूद इसके रिटर्निंग ऑफिसर रूम में जाने की कोशिश कर रहे सलमान खुर्शीद को अनुमति नहीं मिली और तब तक सुनवाई पूरी होने का हवाला दिया गया. हालांकि कांग्रेस की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र चौहान पक्ष रखने के लिए पहुंचे थे. मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कांग्रेस नेता और जाने माने अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस के जो प्रयास हैं वो इस लोकतंत्र को मजबूत रखने के हैं, इसमें हमारी भागीदारी का अधिकार बनता है.
सुनवाई में नहीं हो सका शामिल: सलमान खुर्शीद
उन्होंने कहा कि हमारे अधिवक्ता इस मामले में 11 बजे से पक्ष रख रहे थे और कोशिश की जा रही थी कि एक बजे तक इसमें बहस हो, जिससे मैं भी इसमें शामिल हो सकूं लेकिन ऐसा नहीं हो सका. केस को क्लोज करते हुए यह कहा गया कि अब हम कितना सुनेंगे एक बार हम सुन चुके हैं. मेरा यह दुर्भाग्य है कि मैं जिस केस की बात करने के लिए यहां आया था कि मेरा केस कितना मजबूत है, उसे बता नहीं सका, इसके लिए मुझे दुख है.
फिर से एफिडेविट दाखिल करना चुनाव नियम का उल्लंघन: अधिवक्ता
निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष कांग्रेस से अधिवक्ता राजेंद्र चौहान ने पक्ष रखा. मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि राज्यसभा चुनाव को लेकर दाखिल नामांकन पत्र में जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा का नॉमिनेशन स्वीकृत हो गया है जबकि परिमल नाथवानी, जिन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के लिए पर्चा भरा है, उनके नामांकन में त्रुटियां पाई गई हैं. जिस पर रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नोटिस भेजा गया था.
अब चुनाव आयोग लेगा निर्णय
उन्होंने कहा कि चुनाव नियमों का उल्लंघन करके परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में फिर से एफिडेविट दाखिल किया गया है. इसके अलावा उनके नॉमिनेशन पेपर में कई त्रुटियां पाई गई हैं, ऐसे में उनके नामांकन पत्र को रद्द किया जाना चाहिए था, हम लोगों ने इस संबंध में पक्ष रखा है कि अब चुनाव आयोग के द्वारा बुधवार शाम तक निर्णय लिया जाएगा.
